एआई ग्लोबल समिट पर विरोध को लेकर पीएम मोदी का हमला, बोले- राष्ट्रीय मंच को राजनीतिक तमाशा बना दिया गया

Narendra Modi ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उसने एक राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया। उनका यह बयान एआई ग्लोबल समिट के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में आया। मेरठ में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस मंच का उद्देश्य देश की तकनीकी प्रगति और नवाचार को बढ़ावा देना था, उसे अनावश्यक राजनीतिक विवाद में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शन न केवल कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक असहमति की आड़ में व्यक्तिगत दुर्भावना से प्रेरित होकर इस तरह की हरकतें करते हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि कुछ कांग्रेस नेता उनसे इतनी नफरत करते हैं कि वे “उनकी कब्र खोदने” की बात करते हैं और यहां तक कि उनकी मां का भी अपमान करने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित और संस्थागत मर्यादाओं से ऊपर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि एआई ग्लोबल समिट किसी एक दल का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह देश की सामूहिक पहल का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की तकनीकी क्षमता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में बढ़ते कदमों और वैश्विक मंच पर देश की भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था। ऐसे मंच पर राजनीतिक विरोध दर्ज कराने को उन्होंने अनुचित बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कार्यक्रम स्थल पर उस समय कोई भाजपा नेता मौजूद नहीं था और इसका आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया था।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन देश के हितों से जुड़े आयोजनों को विवादों से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और ऐसे अवसरों पर एकजुटता का संदेश देना अधिक आवश्यक है, ताकि वैश्विक समुदाय के सामने देश की सकारात्मक और सशक्त छवि प्रस्तुत की जा सके।