एमपी के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा मौका, अप्रैल में 615 संविदा पदों पर शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया

मध्य प्रदेश में “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” के अंतर्गत सरकारी बस संचालन की व्यापक तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत न केवल बसों को सड़क पर उतारने की रणनीति बनाई जा रही है, बल्कि संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। परिवहन कंपनी की सात सहयोगी इकाइयों के लिए लगभग 615 कर्मचारियों को संविदा आधार पर नियुक्त करने की योजना तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया अप्रैल माह में प्रारंभ होगी और चयनित कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से तैनात किया जाएगा।

इंदौर रीजन में बस संचालन के लिए AICTSL (अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड) के साथ अनुबंध किया जाएगा। समझौते के बाद ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में नई सेवा शुरू हो सकेगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अप्रैल में विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक की जाएगी, जबकि जून-जुलाई तक बसों को सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित 615 पदों में से करीब 150 कर्मचारी AICTSL को दिए जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

नई परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत बसों की पहचान भी अलग होगी। प्रत्येक बस को विशिष्ट रंग संयोजन और कंपनी का आधिकारिक लोगो दिया जाएगा, जिससे वे निजी बसों से अलग नजर आएंगी। परिवहन कंपनी ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों के लिए 5 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार घोषित करने की भी घोषणा की है। अधिकारियों का दावा है कि बस ऑपरेटरों को यात्री किराए के साथ-साथ विज्ञापन और कार्गो सेवाओं से भी आय होगी, जिससे संचालन लागत संतुलित रहेगी और ऑपरेटरों को लाभ मिल सकेगा। साथ ही, सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा, ताकि सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

इधर, नई परिवहन नीति को लेकर विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। सागर में मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने इस नीति का विरोध करते हुए बड़ी बैठक आयोजित की। प्रदेशभर से 400 से अधिक बस मालिक और ऑपरेटर इसमें शामिल हुए। एसोसिएशन ने दिसंबर 2025 में जारी राजपत्र को वापस लेने की मांग की है और नई नीति को बस मालिकों के हितों के खिलाफ बताया है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे प्रत्येक जिले में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च से प्रदेशव्यापी बस संचालन बंद करने पर विचार किया जाएगा। बैठक में प्राइम रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा और मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय सहित 55 जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।