एमपी विधानसभा में लाड़ली बहना योजना पर तीखी बहस, 3 हजार रुपए और नए रजिस्ट्रेशन को लेकर सत्ता-विपक्ष में टकराव

मध्य प्रदेश विधानसभा में लाड़ली बहना योजना को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने मांग उठाई कि योजना के दायरे से बाहर रह गई पात्र महिलाओं को तुरंत शामिल किया जाए और सहायता राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह की जाए। विधायक महेश परमार ने सदन में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव के दौरान 3 हजार रुपये देने का वादा किया था, इसलिए सरकार को अपने वचन पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही महिलाओं के नाम योजना से हटाए जा रहे हैं, जो उनके अनुसार अन्यायपूर्ण है।

सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपये देने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है और राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मंत्री ने यह भी बताया कि 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद जिन महिलाओं का नाम योजना से हटता है, उन्हें वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है, ताकि उनकी आय का स्रोत बना रहे। हालांकि विपक्ष ने इसे चुनावी वादा करार देते हुए सरकार पर बहनों के साथ छल करने का आरोप लगाया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से पूछा कि जो महिलाएं पात्र हैं लेकिन अभी योजना में शामिल नहीं हो पाई हैं, उनके नाम कब जोड़े जाएंगे। उन्होंने समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की और कहा कि एक वर्ष या दो वर्ष में यह प्रक्रिया पूरी होगी, यह सरकार को बताना चाहिए। मंत्री ने जवाब में कहा कि अभी निश्चित समयसीमा बताना संभव नहीं है, लेकिन सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और समय के साथ पात्र महिलाओं को जोड़ा जाएगा।

बहस के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार अपना वादा निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले इस योजना की व्यवहारिकता पर सवाल उठा रहा था, लेकिन सरकार नियमित रूप से राशि वितरित कर रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पांच वर्षों में सहायता राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है और इसे चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। नए पंजीकरण को लेकर उठे सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रक्रिया क्रमशः आगे बढ़ेगी और पात्र महिलाओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।