तालाबों का निरीक्षण करने पहुंचे निगमायुक्त क्षितिज सिंघल: जलकुंभी हटाने और सफाई के दिए निर्देश

Indore News: इंदौर नगर निगम ने आगामी वर्षा ऋतु से पहले शहर के बड़े तालाबों की स्थिति सुधारने के लिए मैदानी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बिलावली तालाब, लिंबोदी तालाब, पिपलिया पाला तालाब और सिरपुर तालाब का दौरा किया।

निरीक्षण का फोकस बारिश के दौरान जलभराव, पानी की निकासी और तालाबों में निर्बाध जलप्रवाह सुनिश्चित करने पर रहा।

निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने तालाबों से जुड़ी चैनल लाइनों, इनलेट-आउटलेट व्यवस्था और ओवरफ्लो स्ट्रक्चर की स्थिति देखी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तालाबों में आने वाली सभी चैनल लाइनों की जल्द सफाई कराई जाए, ताकि तेज बारिश के समय पानी की आमद और निकासी में रुकावट न बने।

उन्होंने यह भी कहा कि तालाबों की तलहटी और किनारों पर जमी जलकुंभी, गाद, प्लास्टिक और अन्य अवांछित सामग्री को हटाकर समयबद्ध सफाई पूरी की जाए। निगम का मानना है कि यदि मानसून से पहले यह काम पूरा नहीं हुआ तो कई जगह पानी के बहाव में बाधा आ सकती है, जिसका असर आसपास के इलाकों पर पड़ेगा।

चार प्रमुख तालाबों पर विशेष अभियान

निगमायुक्त ने बिलावली, लिंबोदी, पिपलिया पाला और छोटा सिरपुर तालाब के लिए विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस अभियान में जलकुंभी हटाने, कचरा निकालने, तलहटी की सफाई और जलमार्ग साफ रखने को प्राथमिकता देने को कहा गया है। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि यह काम नियमित गतिविधि की तरह नहीं, बल्कि अभियान मोड में पूरा किया जाए।

नगर निगम के अनुसार मानसून से पहले तालाबों की सफाई का सीधा संबंध शहरी जल निकासी से है। तालाबों में आने वाले पानी का रास्ता साफ रहने से शहर की ड्रेनेज प्रणाली पर दबाव कम होता है और स्थानीय जलभराव की आशंका घटती है। इसी कारण चैनल लाइनों की सफाई को इस बार मुख्य कार्यसूची में रखा गया है।

तालाब परिसरों में डस्टबिन और चेतावनी बोर्ड अनिवार्य

निरीक्षण के दौरान तालाबों के आसपास की व्यवस्थाओं पर भी निर्देश जारी किए गए। निगमायुक्त ने कहा कि तालाब परिसरों और पाथ-वे के पास अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखे जाएं, ताकि ठोस कचरा सीधे जलाशयों में न पहुंचे। इसके साथ ही तालाबों के आसपास ऐसे चेतावनी बोर्ड लगाने को कहा गया है जिनमें साफ लिखा हो कि तालाब में कचरा डालना प्रतिबंधित है।

नगर निगम का फोकस इस बार सिर्फ मशीनरी सफाई तक सीमित नहीं रखा गया है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने और साफ किए गए क्षेत्रों में दोबारा कचरा जमा न होने देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके तहत तालाब किनारे कचरा फेंकने वाले बिंदुओं की पहचान कर उन्हें नियंत्रित करने की तैयारी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, शृंगार श्रीवास्तव, सहायक यंत्री आकाश जैन और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निगमायुक्त ने मौके पर ही विभागवार जिम्मेदारियां तय करने और कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा।

नगर निगम के लिए यह तैयारी मानसून पूर्व प्रबंधन का हिस्सा है, जिसमें जलाशयों की सफाई, जलमार्गों की सुगमता और सार्वजनिक स्वच्छता को एक साथ जोड़ा गया है। अगले चरण में निर्धारित कार्यों की प्रगति के आधार पर फील्ड रिव्यू और निगरानी बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा।