Indore News: इंदौर शहर के तेजी से बढ़ते दायरे और आगजनी की बढ़ती घटनाओं के बीच नगर निगम ने एमआर-10 क्षेत्र में नए फायर स्टेशन की तैयारी शुरू कर दी है। निगम को इस परियोजना के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) से 40 हजार वर्गफीट से अधिक जमीन मिल गई है। अधिकारियों के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट पर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है।
सूत्रो के मुताबिक उज्जैन रोड, एमआर-10 और आसपास के नए विकसित इलाकों में अब तक अलग फायर स्टेशन नहीं होने से दूसरे क्षेत्रों से दमकल वाहन भेजने पड़ते थे। ट्रैफिक दबाव और जाम की वजह से कई बार राहत कार्य में देरी होती थी। इसी समस्या को देखते हुए इस हिस्से में लंबे समय से जमीन की तलाश की जा रही थी।
अब एमआर-10 पर पुराने टोल नाके के पास आईडीए की खाली जमीन को चिन्हित कर फायर स्टेशन के लिए नगर निगम को आवंटित कर दिया गया है। निगम और प्राधिकरण स्तर पर हुई चर्चा के बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही तकनीकी योजना को अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया गया है।
आधुनिक भवन, पार्किंग और क्वार्टर की तैयारी
प्रस्तावित परिसर में अत्याधुनिक फायर स्टेशन भवन बनाया जाएगा। इसके साथ बाउंड्रीवॉल, दमकल वाहनों के लिए समुचित पार्किंग और कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर भी तैयार किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक योजना का विस्तृत प्रारूप तय होने के बाद टेंडर जारी किए जाएंगे और निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।
कर्मचारियों के क्वार्टर शामिल होने से परिचालन व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है। आपात स्थिति में स्टाफ की तैनाती और वाहन रवाना करने की प्रक्रिया तेज की जा सकेगी। प्रशासन का मानना है कि नए स्टेशन के साथ प्रतिक्रिया समय घटेगा और उच्च जोखिम वाले हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी।
किन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
यह स्टेशन शुरू होने पर उज्जैन रोड कॉरिडोर, एमआर-10 बेल्ट और आसपास के आवासीय व व्यावसायिक हिस्सों को सीधा लाभ मिलेगा। सांवेर रोड इंडस्ट्रियल एरिया की दिशा में भी आपात सेवाओं की उपलब्धता मजबूत होने की संभावना है। अब तक इन क्षेत्रों में किसी आगजनी या औद्योगिक घटना के समय दूसरे स्टेशनों की गाड़ियों पर निर्भरता रहती थी।
शहर के विस्तार के साथ बाहरी और नए विकसित इलाकों में दूरी का मुद्दा लगातार सामने आता रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर फायर बेस होने से शुरुआत के अहम मिनट बचाए जा सकेंगे। यह व्यवस्था बड़े हादसों में नुकसान कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शहर में मौजूदा नेटवर्क और आगे की योजना
अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल शहर में गांधी हॉल स्थित मुख्य फायर स्टेशन के अलावा मोती तबेला, जीएनटी मार्केट, सांवेर रोड, लक्ष्मीबाई नगर, मांगलिया, पीथमपुर और मालनपुर क्षेत्रों में फायर स्टेशन संचालित हैं। इसके बावजूद नए शहरी विस्तार को देखते हुए नेटवर्क बढ़ाने की जरूरत बनी हुई है।
नगर निगम चार नए फायर स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। एमआर-10 परियोजना को इसी व्यापक योजना की अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर लक्ष्य यह है कि तेजी से विकसित हो रहे हिस्सों में दमकल सेवाएं नजदीक से उपलब्ध हों और ट्रैफिक के कारण होने वाली देरी कम की जा सके।
निगम का कहना है कि परियोजना की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय अनुमोदन और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। स्टेशन चालू होने के बाद शहर के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।