जापानी बच्चे ने CM योगी आदित्यनाथ के पैर छुए: शिव मंत्र सुनाते वक्त अटका तो मुख्यमंत्री ने पूरा किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे का आखिरी दिन भारतीय समुदाय से मुलाकात, शिक्षा संस्थान भ्रमण और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग पर केंद्रित रहा। यामानाशी जाते समय उन्होंने जापान में रह रहे भारतीय मूल के परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान बच्चों ने उनसे आशीर्वाद लिया और वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात का वीडियो अपने X अकाउंट पर साझा किया। वीडियो में एक बच्चा शिव मंत्र ‘कर्पूरगौरं करुणावतारं…’ सुनाते हुए बीच में रुक गया। इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने मंत्र पूरा कराया। साथ मौजूद परिवारों ने भारत से सांस्कृतिक जुड़ाव और बच्चों में भारतीय परंपराओं को बनाए रखने की बात रखी।
यामानाशी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने यामानाशी पब्लिक स्कूल का दौरा किया। यहां बच्चों से संवाद किया और उन्हें उपहार दिए। इसके बाद उन्होंने यामानाशी हाइड्रोजन फैसिलिटी में P2G (पावर-टू-गैस) सिस्टम का साइट विजिट किया। अधिकारियों से रिसर्च और संचालन मॉडल की जानकारी ली।

यात्रा के आधिकारिक कार्यक्रम में यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी शामिल रही। साथ ही यूपी इन्वेस्टमेंट रोडशो के तहत निवेशकों से बैठक कर उत्तर प्रदेश में उद्योग, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग अवसरों पर चर्चा की गई।
भारतीय समुदाय से मुलाकात और X पर संदेश
मुख्यमंत्री ने भारतीय परिवारों के बच्चों में संस्कारों की निरंतरता पर संतोष जताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि उगते सूरज की धरती पर भी सनातन संस्कृति का स्पंदन दिखाई देता है। यह संदेश जापान में बसे भारतीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक पहचान के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

“संस्कारों की पावन परंपरा का स्पंदन, सनातन संस्कृति के स्वर्णिम आलोक से आलोकित उगते सूरज की पावन धरा…” — योगी आदित्यनाथ

यह मुलाकात औपचारिक कार्यक्रम से अलग एक समुदाय-केंद्रित पड़ाव रही, जहां परिवारों और बच्चों के साथ सीधे संवाद को प्रमुखता दी गई।
ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा सहयोग पर जोर
यामानाशी हाइड्रोजन फैसिलिटी में मुख्यमंत्री ने एडवांस्ड पावर-टू-गैस सिस्टम को काम करते देखा। इस दौरान ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, स्टोरेज और क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी से जुड़े बिंदुओं पर प्रस्तुति ली गई। यूपी सरकार ने इसे भविष्य की ऊर्जा नीति के लिए उपयोगी मॉडल बताया।

“यूपी ग्रीन हाइड्रोजन, सस्टेनेबल एनर्जी सॉल्यूशंस, इनोवेशन, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण की जिम्मेदारी से चलने वाले भविष्य को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।” — योगी आदित्यनाथ

यामानाशी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं। राज्य सरकार इसे औद्योगिक सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा निवेश के नए मार्ग के रूप में देख रही है।
यूपी निवेश रोडशो: बाजार, संसाधन और नीति ढांचा
यामानाशी में निवेशकों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी 25 करोड़ है और बड़े बाजार के साथ श्रमशक्ति, कृषि संसाधन और औद्योगिक क्षमता उपलब्ध है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफलता मिली है।

उन्होंने यह भी कहा कि जापान के यामानाशी प्रांत की तरह उत्तर प्रदेश भी प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और इस कारण निवेश के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं। रोडशो का फोकस मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा, शहरी अवसंरचना और तकनीकी सहयोग पर रहा।
पहले दिन का संदर्भ: 11 हजार करोड़ के MoU
जापान दौरे के पहले दिन टोक्यो में हुए कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के लिए 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौते अंतिम रूप में आए थे। हाई-लेवल बैठकों और यूपी इन्वेस्टमेंट रोडशो के जरिए जापानी कंपनियों को राज्य में निवेश का प्रस्ताव दिया गया।
टोक्यो में मुख्यमंत्री ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ में जापानी औद्योगिक शहर विकसित करने की योजना का उल्लेख किया था। सरकार के अनुसार इस क्लस्टर में जापानी कंपनियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि तेज़ी से उत्पादन और सप्लाई चेन नेटवर्क विकसित हो सके।
निवेश प्रस्तुति में राज्य की नीति रूपरेखा को ‘स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड’ मॉडल के रूप में रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं और 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने 75 हजार एकड़ भूमि बैंक और झांसी के पास 56 हजार एकड़ में विकसित हो रहे नए औद्योगिक शहर का भी जिक्र किया।
डायस्पोरा संवाद में सांस्कृतिक और आर्थिक संदेश
जापान में भारतीय समुदाय के कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदलती छवि, पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और निवेश माहौल में सुधार हुआ है।
जापान दौरे के अंतिम दिन के कार्यक्रमों से यह संकेत मिला कि उत्तर प्रदेश सरकार समुदाय संपर्क, ऊर्जा सहयोग और निवेश कूटनीति को समानांतर रूप से आगे बढ़ा रही है। भारतीय परिवारों के साथ संवाद से लेकर हाइड्रोजन तकनीक और निवेश बैठकों तक, दिनभर की गतिविधियां इसी बहु-स्तरीय एजेंडे के अनुरूप रहीं।