सोना-चांदी बाजार में 26 फरवरी को फिर तेज हलचल देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार MCX में दोपहर तक चांदी और सोना दोनों दबाव में रहे। मार्च डिलीवरी वाली चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई, जबकि 2 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना भी कमजोर स्तर पर कारोबार करता दिखा।
शादी सीजन के बीच कीमतों की यह उठापटक रिटेल खरीदारों और निवेशकों, दोनों के लिए अहम मानी जा रही है।
उपलब्ध कारोबार आंकड़ों के मुताबिक, MCX पर मार्च डिलीवरी की चांदी दोपहर तक ₹11,261.00 यानी 4.20% गिरकर ₹2,57,055.00 पर आ गई। इसी दौरान MCX पर 2 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना ₹1,871.00 यानी 1.16% फिसलकर ₹159,274 के स्तर पर रहा। दिन के भीतर बड़े दायरे में मूवमेंट से यह संकेत मिला कि बाजार अभी स्थिर ट्रेंड में नहीं है।
कीमतों में इस अस्थिरता की पृष्ठभूमि में दो समानांतर कारक दिख रहे हैं। पहला, वैश्विक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश साधनों की मांग बढ़ने की धारणा। दूसरा, घरेलू स्तर पर शादी सीजन में आभूषण खरीद की जरूरत। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की मांग बढ़ी है, लेकिन तेज भाव-परिवर्तन से खरीद निर्णय मुश्किल हो रहा है।
पिछले एक साल के रिटर्न का डेटा भी बाजार की दिशा समझने में महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बीते एक वर्ष में सोने ने करीब 80% और चांदी ने 180% से ज्यादा रिटर्न दिया। इसी वजह से दोनों धातुओं में निवेशकों की रुचि बनी रही। हालांकि हाल के सत्रों में तेज उतार-चढ़ाव ने अल्पकालिक रणनीति को जटिल बनाया है।
आज की चाल: चांदी में बड़ी गिरावट, सोना भी नीचे
आज के कारोबार में चांदी की चाल सोने से ज्यादा कमजोर रही। 4.20% की गिरावट यह दिखाती है कि वायदा बाजार में बिकवाली का दबाव ज्यादा था। दूसरी ओर सोने में 1.16% की गिरावट अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन कीमत का स्तर नीचे आया। दोनों धातुओं में एक साथ गिरावट यह भी बताती है कि दिन के दौरान निवेशकों ने जोखिम और कीमत दोनों को लेकर सतर्क रुख रखा।
मार्च डिलीवरी चांदी का ₹2,57,055.00 स्तर और अप्रैल 2026 डिलीवरी सोने का ₹159,274 स्तर उन खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है जो वायदा संकेत देखकर ज्वेलरी या निवेश खरीद की टाइमिंग तय करते हैं। रिटेल सेगमेंट में अक्सर MCX ट्रेंड का असर स्पॉट और ज्वेलरी कीमतों पर भी दिखाई देता है, इसलिए दिनभर का अपडेट देखना जरूरी माना जाता है।
शादी सीजन में मांग बनी, लेकिन रेट ने बढ़ाई उलझन
दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख बाजारों में विवाह सीजन के कारण 22K और 24K सोने की मांग बढ़ी हुई है। आम तौर पर ऐसे समय में परिवार तय बजट के अनुसार खरीद की योजना बनाते हैं। लेकिन जब रेट में दिन-प्रतिदिन और कई बार घंटे-घंटे में बदलाव होता है, तो खरीदार अक्सर खरीद टालते हैं या मात्रा घटाते हैं।
इसी वजह से कारोबारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के लिए भी रोज का रेट चेक करना जरूरी हो जाता है। अलग-अलग कैरेट के हिसाब से कीमतें अलग होती हैं, इसलिए केवल एक सामान्य रेट देखकर खरीद करना जोखिम भरा हो सकता है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव में अंतर सीधे बिल राशि को प्रभावित करता है।
सोना खरीदने से पहले इन दो जांचों पर जोर
पहली जांच: सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड खरीदें। खरीद के समय ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क जरूर देखें। हॉलमार्क से धातु की शुद्धता का संकेत मिलता है और यह बताता है कि सोना कितने कैरेट का है। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक फॉर्मेट में होता है, जैसे AZ4524। यह जांच भविष्य में गुणवत्ता विवाद की आशंका कम करती है।
दूसरी जांच: कीमत और वजन क्रॉस चेक करें। खरीद के दिन का रेट एक से ज्यादा स्रोतों से मिलान करें। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) जैसी आधिकारिक वेबसाइटें संदर्भ के लिए उपयोगी मानी जाती हैं। बिल में दर्ज वजन और कैरेट के अनुसार कीमत का मिलान करना जरूरी है, क्योंकि 24K, 22K और 18K में प्रति ग्राम दर अलग होती है।
खरीदारों के लिए मौजूदा संदेश
26 फरवरी के बाजार संकेत यही बताते हैं कि सोना और चांदी दोनों में तेज उतार-चढ़ाव अभी जारी है। एक तरफ लंबे समय का रिटर्न निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, दूसरी तरफ दैनिक गिरावट-बढ़त खरीद समय को चुनौतीपूर्ण बना रही है। ऐसे माहौल में रेट अपडेट, शुद्धता की जांच और बिल स्तर पर क्रॉस-वेरिफिकेशन, खरीद प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए।