उज्जैन विक्रम व्यापार मेले में 6,662 वाहन बिके, 50% रजिस्ट्रेशन छूट का असर

उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित विक्रम व्यापार मेले में वाहन खरीदारों की मजबूत मौजूदगी दिखाई दे रही है। मेले के शुरुआती 11 दिनों में कुल 6,662 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में कारों की बिक्री सबसे ज्यादा रही, जबकि मोटरसाइकिल और ओमनी बस की खरीद भी लगातार जारी है।

यह आयोजन विक्रमोत्सव 2026 के तहत किया जा रहा है और इसे विक्रम व्यापार मेले का तृतीय संस्करण बताया गया है। आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार शुरू हुआ है। मेले में वाहन बिक्री के साथ रजिस्ट्रेशन छूट योजना लागू होने से खरीदारों की संख्या में तेजी आई है।

15 फरवरी से 19 मार्च तक छूट योजना लागू

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने मेले की अवधि में गैर-परिवहन श्रेणी के वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर 50% छूट दी है। यह छूट 15 फरवरी से 19 मार्च तक प्रभावी है। योजना में मोटरसाइकिल, मोटर कार, ओमनी बस और हल्के वाहन शामिल हैं।

रजिस्ट्रेशन शुल्क में राहत मिलने से खरीदारों का रुझान विशेष रूप से निजी उपयोग वाले वाहनों की ओर बढ़ा है। वाहन डीलरों के स्टॉल पर सबसे ज्यादा पूछताछ कारों के मॉडल को लेकर दर्ज की गई। दोपहिया श्रेणी में भी बिक्री स्थिर गति से बढ़ती दिखी।

25 फरवरी तक की श्रेणीवार बिक्री

25 फरवरी तक मेले में कुल 6,662 वाहनों की बिक्री दर्ज हुई। इनमें 1,212 दोपहिया वाहन शामिल हैं। चारपहिया वाहनों की संख्या 5,150 रही, जो कुल बिक्री का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा 300 अन्य वाहन भी बिके हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि मेले में चारपहिया बाजार ने बढ़त बनाई हुई है। रजिस्ट्रेशन छूट का सीधा असर इसी श्रेणी में अधिक दिख रहा है। ओमनी बस और हल्के वाहनों की खरीद भी समग्र संख्या को मजबूत बना रही है।

प्रशासन के लिए यह आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मेले की अवधि अभी शेष है। 19 मार्च तक योजना प्रभावी रहने से आने वाले दिनों में बिक्री के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल उपलब्ध आंकड़े यही दिखाते हैं कि कर राहत और मेला मंच, दोनों ने मिलकर खरीदारी का अनुकूल वातावरण बनाया है।

विक्रमोत्सव के हिस्से के रूप में आयोजित यह व्यापार मेला स्थानीय और आसपास के जिलों के खरीदारों को एक स्थान पर विकल्प उपलब्ध करा रहा है। वाहन कंपनियों के लिए यह अवधि प्रत्यक्ष बिक्री और बुकिंग बढ़ाने का अवसर बनी है, जबकि खरीदारों को रजिस्ट्रेशन लागत में सीधी राहत मिल रही है।

अब निगाहें मेले की शेष अवधि के आंकड़ों पर हैं। यदि मौजूदा गति बनी रही, तो कुल बिक्री का अंतिम आंकड़ा पिछले दिनों के मुकाबले और ऊंचा जा सकता है। फिलहाल 25 फरवरी तक के आधिकारिक आंकड़े मेले की सक्रिय मांग और छूट योजना के असर की पुष्टि करते हैं।