MP Weather: फरवरी में मौसम ने दिखाई बदलती चाल, मार्च में भी बने रहने की संभावना, तापमान 34°C पार, देखें IMD का पूर्वानुमान

मध्य प्रदेश में फरवरी 2026 का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य उतार-चढ़ाव वाला रहा। राज्य के कई हिस्सों में महीने के भीतर चार बार मौसम का मिजाज बदलता दर्ज किया गया। कभी तापमान बढ़ा, फिर बादल छाए, कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई और कई दिनों में ठंडी हवाओं ने फिर से असर दिखाया।

भोपाल समेत आसपास के जिलों में दिन और रात के तापमान में लगातार अंतर बना रहा। महीने के आखिरी सप्ताह तक आते-आते यह पैटर्न साफ दिखा कि स्थिर गर्माहट नहीं बन पाई। मौसम विभाग की ओर से संकेत दिया गया है कि फरवरी की यही अस्थिरता मार्च में भी अलग-अलग चरणों में दिखाई दे सकती है।

फरवरी में चार चरणों में बदला मौसम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी में राज्य ने चार प्रमुख बदलाव देखे। शुरुआती दिनों में हल्की ठंड का प्रभाव रहा। इसके बाद तापमान में बढ़त आई और कई शहरों में दोपहरें अपेक्षाकृत गर्म महसूस हुईं। अगले चरण में बादल और नमी बढ़ी, जिससे कुछ जगहों पर हल्की वर्षा जैसी स्थितियां बनीं। महीने के अंत में फिर हवा के रुख में बदलाव के साथ ठंडक लौटी।

इस तरह का पैटर्न आम तौर पर तब बनता है जब पश्चिमी विक्षोभ, स्थानीय नमी और उत्तर की हवाएं अलग-अलग समय पर सक्रिय रहती हैं। फरवरी 2026 में यही स्थिति कई बार बनी, इसलिए प्रदेश में मौसम लंबे समय तक एक जैसा नहीं रह सका।

मार्च पर क्यों पड़ेगा प्रभाव

मौसम विभाग का कहना है कि फरवरी में बने सिस्टम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। मार्च के शुरुआती हिस्से में भी इनके असर से तापमान में अचानक बदलाव संभव है। यानी कुछ दिनों में गर्मी का अहसास बढ़ सकता है, तो कुछ दिनों में बादल और हवाओं से राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में दिन का तापमान धीरे-धीरे ऊपर जाएगा, लेकिन यह बढ़त रैखिक नहीं होगी। अगर बीच-बीच में मौसम तंत्र सक्रिय होते हैं, तो अधिकतम तापमान की रफ्तार कुछ दिनों के लिए थम सकती है। रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

किसानों और आम लोगों के लिए संकेत

मौसम के बार-बार बदलने का असर खेती और दैनिक जीवन दोनों पर पड़ता है। जिन इलाकों में रबी फसलों की कटाई की तैयारी शुरू है, वहां नमी और हवा का बदलाव फसल प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है। कृषि विशेषज्ञ आम तौर पर ऐसे समय में खेत की नमी, सिंचाई और कटाई की टाइमिंग पर स्थानीय सलाह लेने की बात कहते हैं।

शहरी इलाकों में सुबह-शाम हल्की ठंड और दोपहर की गर्मी जैसी मिश्रित स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे मौसम में स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर मौसम के अनुसार कपड़ों में लचीलापन रखने, पर्याप्त पानी पीने और अचानक तापमान बदलाव से बचाव की सलाह देते हैं।

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग असर

मध्य प्रदेश का भौगोलिक फैलाव बड़ा है, इसलिए एक ही दिन में सभी जिलों में एक जैसा मौसम नहीं रहता। मालवा, महाकौशल, बुंदेलखंड, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण बदलाव की तीव्रता अलग हो सकती है। कहीं बादल ज्यादा बनते हैं, तो कहीं केवल तापमान में ही उछाल दिखता है।

भोपाल केंद्र से जारी पूर्वानुमानों में भी आम तौर पर यही बात दोहराई जाती है कि राज्य के भीतर क्षेत्रीय अंतर को ध्यान में रखकर मौसम अपडेट देखना जरूरी है। मार्च में प्रवेश के साथ यह अंतर और स्पष्ट हो सकता है, क्योंकि गर्मी का मौसमी संक्रमण अब तेज होने लगता है।

आगे क्या देखें

फरवरी 2026 ने संकेत दिया है कि मौसम का ट्रांजिशन अब छोटे-छोटे चरणों में हो रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में एक-दो गर्म दिन देखकर स्थायी गर्मी मान लेना जल्दबाजी होगा। इसी तरह किसी एक ठंडे दौर को लंबा मानना भी सही नहीं होगा।

फिलहाल मुख्य संकेत यही है कि मार्च में तापमान बढ़ने की समग्र दिशा रहेगी, लेकिन बीच-बीच में बादल, हवा और हल्की नमी वाले दौर आते रह सकते हैं। राज्य के नागरिकों के लिए दैनिक पूर्वानुमान पर नजर रखना और स्थानीय प्रशासन की मौसम संबंधी सलाह का पालन करना व्यावहारिक कदम रहेगा।