रंगभरी एकादशी पर बाबा खाटूश्याम ने किया नगर भ्रमण: रथयात्रा में उमड़ा भक्तों का सैलाब

Rajasthan News: सीकर जिले के खाटूश्यामजी कस्बे में फाल्गुनी लक्खी मेले के दौरान रंगभरी एकादशी पर बाबा श्याम का नगर भ्रमण आयोजित किया गया। आठ दिवसीय मेले के सातवें दिन निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

मंदिर परिसर से शुरू हुई रथयात्रा मुख्य बाजार और नगर के प्रमुख मार्गों से होकर वापस मंदिर प्रांगण पहुंची। आयोजन के दौरान पूरे कस्बे में जयकारों की गूंज सुनाई दी और रास्तों पर श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी रही।

धार्मिक मान्यता के अनुसार शीश के दानी बाबा श्याम नीले घोड़े पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। यात्रा के आगे-पीछे भजन मंडलियों की प्रस्तुतियां चलती रहीं। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा की और श्रद्धालुओं ने रथ के दर्शन किए। रथ के निकट पहुंचकर आशीर्वाद लेने की उत्सुकता के कारण मार्गों पर भीड़ का दबाव बढ़ता रहा, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक टीमें तैनात रहीं।

मंदिर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से लौटी यात्रा

रथयात्रा का औपचारिक शुभारंभ बाबा श्याम मंदिर परिसर से हुआ। तय मार्ग के अनुसार यात्रा मुख्य बाजार में पहुंची और वहां से नगर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरते हुए पुनः मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की कतारें कई हिस्सों में लगातार बनी रहीं। स्थानीय स्वयंसेवक और मंदिर प्रबंधन की टीमें मार्गदर्शन करती नजर आईं, ताकि श्रद्धालु व्यवस्थित ढंग से दर्शन कर सकें और जुलूस की गति प्रभावित न हो।

मेले में शामिल लोगों का कहना था कि एकादशी के दिन नगर भ्रमण का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी वजह से सुबह से ही मंदिर क्षेत्र में आवागमन बढ़ गया था। कई श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में पदयात्री भी शामिल हुए। खाटू धाम में भजन, कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम दिनभर चलता रहा, जिससे मेला क्षेत्र में लगातार गतिविधि बनी रही।

125 किलो चांदी का रथ रहा प्रमुख आकर्षण

इस वर्ष की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण वह विशेष रथ रहा, जिसे लगभग 125 किलो शुद्ध चांदी से तैयार किया गया। रथ की बनावट पारंपरिक शैली में रखी गई और इसमें बाबा श्याम के साथ उनके प्रिय नीले घोड़े की आकृति स्थापित की गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालु रथ के दर्शन के लिए रुकते रहे और कई जगहों पर रथ के स्वागत की व्यवस्थाएं भी की गईं।

मंदिर प्रशासन के अनुसार फाल्गुनी लक्खी मेले के दौरान देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खाटूश्यामजी पहुंच रहे हैं। एकादशी के अवसर पर भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रही। इस भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, बैरिकेडिंग, मार्ग नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था के लिए अलग-अलग दल लगाए। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर भी व्यवस्थाएं मजबूत रखी गईं।

फाल्गुनी लक्खी मेले में बढ़ी श्रद्धालुओं की आमद

खाटू धाम में चल रहे वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले को लेकर लगातार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा के दिन कस्बे के बाजार क्षेत्र और मंदिर मार्गों पर भीड़ का असर साफ दिखा। प्रशासन ने सुगम दर्शन के लिए अलग कतारों और चरणबद्ध आवाजाही की व्यवस्था की। चिकित्सा और आपात सेवाओं के लिए भी तैनाती रखी गई, ताकि भीड़ वाले समय में किसी प्रकार की असुविधा को तुरंत संभाला जा सके।

एकादशी की रथयात्रा के साथ मेले का धार्मिक वातावरण और सक्रिय हुआ। भजनों की धुन, फूलों की वर्षा और पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा पर फोकस रखा गया। खाटूश्यामजी में आगामी दिनों में भी मेले से जुड़े कार्यक्रम जारी रहेंगे और दर्शन के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या ऊंची रहने की संभावना है।