होली नजदीक आते ही इंदौर से बाहर जाने वाली ट्रेनों और बसों पर दबाव साफ दिखने लगा है। शहर में कामकाज के लिए रहने वाले लोग रविवार से ही अपने गृहनगरों और अन्य गंतव्यों के लिए रवाना होने लगे हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ी है। इस बार अलग-अलग शहरों में होली 3 मार्च और 4 मार्च को मनाए जाने की स्थिति ने भी अग्रिम बुकिंग को प्रभावित किया है।
यात्रियों के मुताबिक, त्योहार के आसपास की तारीखों में सीट सुनिश्चित करने के लिए टिकट पहले से कराए गए थे, फिर भी कई प्रमुख रूटों पर पुष्टि नहीं मिल रही। इंदौर से दिल्ली, मुंबई और पुणे जाने वाली नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट दर्ज की जा रही है। सबसे ज्यादा दबाव पुणे और दिल्ली रूट पर बताया जा रहा है। यही वजह है कि रेल टिकट न मिलने पर बड़ी संख्या में यात्री सड़क मार्ग के विकल्प तलाश रहे हैं।
दिल्ली-पुणे रूट पर ज्यादा दबाव, सामान्य ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मुश्किल
रेलवे बुकिंग की स्थिति बताती है कि त्योहार से पहले और बाद की अवधि में लंबी दूरी की ट्रेनों में मांग काफी बढ़ जाती है। इस बार भी वही स्थिति बनी है। इंदौर से दिल्ली, मुंबई और पुणे की ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची लंबी होने से यात्रियों को या तो यात्रा टालनी पड़ रही है या वैकल्पिक तारीखें चुननी पड़ रही हैं। कई यात्री कनेक्टिंग रूट और दूसरे स्टेशन से भी टिकट देखने लगे हैं, लेकिन पीक अवधि में वहां भी दबाव बना हुआ है।
रेल विभाग का मानना है कि त्योहार के दौरान यूपी, बिहार और दिल्ली की दिशा में मांग तेज रहती है। यही कारण है कि अतिरिक्त सेवाएं शुरू कर राहत देने की कोशिश की गई है। नियमित ट्रेनों में दबाव कम करने के लिए विशेष ट्रेनें चलने से कुछ यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिलने की संभावना बढ़ी है।
एक महीने के लिए स्पेशल ट्रेनें, 26 फरवरी से सेवा शुरू
यात्री दबाव को देखते हुए इंदौर क्षेत्र से दो महत्वपूर्ण स्पेशल सेवाएं चलाई जा रही हैं। डॉ. आंबेडकर नगर (महू) से पटना के लिए साप्ताहिक विशेष ट्रेन संख्या 09343 और 09344 का संचालन 26 फरवरी से शुरू हो चुका है। यह सेवा उन यात्रियों के लिए अहम मानी जा रही है, जिन्हें बिहार जाने के लिए त्योहार अवधि में सीट नहीं मिल पा रही थी।
इसके अलावा इंदौर से हजरत निजामुद्दीन के लिए भी विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। यह सेवा 27 मार्च तक संचालित की जा रही है। रेलवे अधिकारियों का आकलन है कि इन अतिरिक्त ट्रेनों से उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी। हालांकि मांग बहुत अधिक होने से पूरी समस्या खत्म नहीं हुई है, लेकिन उपलब्ध सीटों में बढ़ोतरी जरूर हुई है।
बस किराया बढ़ा, दिल्ली टिकट 1800 से 2000 रुपये तक
रेलवे में प्रतीक्षा सूची बढ़ने का सीधा असर बस सेवाओं पर दिख रहा है। इंदौर से दिल्ली, पुणे, नागपुर और मुंबई के लिए रोज सैकड़ों बसें संचालित होती हैं। त्योहार अवधि में इन रूटों पर सीटों की मांग बढ़ते ही किराए में इजाफा दर्ज किया गया है। दिल्ली रूट पर टिकट दर 1800 रुपये से 2000 रुपये तक पहुंच चुकी है। यात्रियों का कहना है कि अंतिम समय में बुकिंग करने पर किराया और बढ़ जाता है।
बस ऑपरेटरों के स्तर पर भी पीक डिमांड का असर दिख रहा है। जिन यात्रियों को रेल में कन्फर्म सीट नहीं मिल रही, वे सीधे बस विकल्प चुन रहे हैं। इससे खासकर रात की सेवाओं पर दबाव अधिक बढ़ रहा है। यात्रा एजेंसियों के अनुसार, त्योहार से ठीक पहले वाले दिनों में सीट उपलब्धता तेजी से घटती है और किराया ऊंचा बना रहता है।
हवाई टिकट भी महंगे, बहु-विकल्प यात्रा की चुनौती
इंदौर से दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों की उड़ानों में भी त्योहार अवधि का असर दिख रहा है। इन रूटों पर हवाई टिकट दरें भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक बताई जा रही हैं। ऐसे में यात्रियों के सामने चुनौती यह है कि ट्रेन में सीट सीमित है, बस का किराया बढ़ा है और उड़ानों में भी खर्च ज्यादा है।
कुल मिलाकर होली से पहले इंदौर से बाहर जाने वाले यातायात नेटवर्क पर दबाव कई स्तरों पर दिखाई दे रहा है। रेलवे की स्पेशल ट्रेनों से आंशिक राहत मिली है, लेकिन प्रमुख रूटों पर मांग अब भी ऊंची है। जो यात्री अगले दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, उनके लिए समय रहते टिकट बुकिंग और वैकल्पिक विकल्प तैयार रखना जरूरी हो गया है।