मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का 1 मार्च को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क का दौरा प्रस्तावित है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1 बजे हेलीकॉप्टर से कूनो पहुंचेंगे। यहां वे वन्यजीव संरक्षण गतिविधि के तहत कूनो नदी में 10 घड़ियाल छोड़ेंगे और कछुओं को भी नदी में प्रवाहित करेंगे।
मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब कूनो राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव प्रबंधन और पुनर्वास गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम की समयरेखा, आगमन-प्रस्थान मार्ग और स्थल संचालन को लेकर अलग-अलग इकाइयों को स्पष्ट जिम्मेदारी दी गई है।
दौरे को लेकर संयुक्त तैयारी
जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए वन विभाग, पुलिस और राजस्व अमले के साथ संयुक्त तैयारी की है। कूनो नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्र में प्रवेश व्यवस्था निर्धारित की गई है ताकि मूवमेंट नियंत्रित रहे और कार्यक्रम समय पर पूरा हो सके।
अधिकारियों की ड्यूटी अलग-अलग सेक्टर में लगाई गई है। फील्ड स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन और प्रोटोकॉल से जुड़े बिंदुओं की अलग से निगरानी की जा रही है।
एक दिन पहले दौरा नहीं हो सका था
इससे पहले 28 फरवरी को भी मुख्यमंत्री का कूनो दौरा प्रस्तावित था, लेकिन अंतिम समय में वह कार्यक्रम निरस्त हो गया था। उस दिन बोत्सवाना से आए 9 चीतों को कूनो में छोड़ने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति तय थी। बाद में उस कार्यक्रम में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री शामिल हुए थे।
28 फरवरी का दौरा निरस्त होने के बाद 1 मार्च का कार्यक्रम प्रशासन के लिए प्राथमिकता में रखा गया है। इसी वजह से सुरक्षा और प्रबंधन की तैयारियों को फिर से अपडेट किया गया है और मौके पर तैनाती बढ़ाई गई है।
कूनो में करीब एक घंटा रुकेंगे मुख्यमंत्री
तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री कूनो में करीब एक घंटे तक रुकेंगे। घड़ियाल और कछुओं को नदी में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे हेलीकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। प्रशासन ने प्रोटोकॉल के हिसाब से आगमन से प्रस्थान तक का पूरा क्रम तय किया है।
अधिकारियों ने कार्यक्रम से पहले कूनो नदी क्षेत्र, हेलीपैड और मुख्य गतिविधि स्थल का निरीक्षण किया है। स्थानीय स्तर पर समन्वय के लिए कंट्रोल प्वाइंट भी सक्रिय किए गए हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान विभागों के बीच त्वरित संपर्क बना रहे।
कूनो में होने वाली यह गतिविधि वन्यजीव संरक्षण के उस क्रम का हिस्सा है जिसमें नदी तंत्र और स्थानीय जैव विविधता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय पर कार्यक्रम संपन्न कराने और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष फोकस रखा गया है।