अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के माहौल में भी निवेश अवसरों की टोह, दुबई दौरे पर इंदौर के नेता और उद्योगपति

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य संघर्ष के बीच दुबई में इंदौर के कई नागरिकों की मौजूदगी ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। इनमें कारोबारी और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल हैं, जो हाल में एक पारिवारिक शादी समारोह के लिए दुबई पहुंचे थे। इसी यात्रा के दौरान वे वहां निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा कर रहे थे। फिलहाल उड़ानों के निरस्त होने से उनकी वापसी प्रभावित हुई है।

दुबई गए इंदौर के प्रमुख नामों में व्यापारी पिंटू छाबड़ा के साथ पूर्व विधायक संजय शुक्ला, पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, मनीष शाहरा, गोलू पाटनी और संजय अग्रवाल शामिल हैं। परिजनों के मुताबिक सभी लोग सुरक्षित हैं और स्थानीय स्तर पर संपर्क बना हुआ है। वापसी की योजना उड़ानें बहाल होने पर तय होगी।

शादी समारोह के साथ निवेश पर भी फोकस

पिंटू छाबड़ा की बेटी रिया छाबड़ा ने बताया कि यह यात्रा मुख्य रूप से परिवार के शादी समारोह के लिए थी, लेकिन कारोबारी दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना गया। उनके अनुसार समूह पहले से आतिथ्य और रिटेल सेक्टर में सक्रिय है और दुबई में विस्तार के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

“पिता पिंटू छाबड़ा के साथ उनके कई मित्र परिवार की शादी में शामिल होने गए हैं। हमारे ग्रुप के इंदौर समेत कई जगह होटल और मॉल संचालित किए जाते हैं। दुबई में भी हम निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं।” — रिया छाबड़ा

इंदौर के व्यापारिक समूहों का दुबई के साथ पुराना संपर्क रहा है। स्रोत के अनुसार, शहर के कई कारोबारियों का वहां पहले से बड़े स्तर पर निवेश है। इसी वजह से नई परियोजनाओं, साझेदारियों और सेवाक्षेत्र से जुड़े अवसरों पर भी समानांतर चर्चा चलती रही है।

दुबई को निवेश केंद्र मानने की वजह

दुबई में भारतीय समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले अजय कासलीवाल, जो मूल रूप से इंदौर के हैं और पिछले कुछ वर्षों से वहीं रह रहे हैं, ने निवेश माहौल को स्थिर और अवसरपूर्ण बताया। वे भारतीय समुदाय के विभिन्न समूहों और पेशेवर नेटवर्क के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

“दुबई निवेश के लिए हमेशा से ही बेहतर विकल्प रहा है। पिछले कुछ साल में यह दुनियाभर के लिए पर्यटन और व्यापार के मुख्य केंद्र के रूप में उभरा है।” — अजय कासलीवाल

कासलीवाल के अनुसार, पर्यटन और व्यापार के विस्तार के साथ वहां निवेश की रफ्तार बढ़ी है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न भी मिला है। भारतीय निवेशकों के लिए दुबई का कारोबारी ढांचा, तेज कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय पहुंच इसे व्यावहारिक विकल्प बनाते हैं।

उड़ानें निरस्त, वापसी की समय-सीमा बढ़ी

इंदौर से दुबई गए लोगों के परिजनों ने बताया कि मौजूदा हालात में तत्काल वापसी संभव नहीं दिख रही। उनका कहना है कि उड़ानें पूरी तरह निरस्त होने से लौटने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। स्थिति सामान्य होने तक सभी सदस्य वहीं रुककर इंतजार कर रहे हैं।

परिजन लगातार संपर्क में हैं और उन्होंने सुरक्षा को लेकर राहत की बात कही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार समूह के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। यात्रा कार्यक्रम में बदलाव का अंतिम निर्णय एयर कनेक्टिविटी बहाल होने के बाद ही होगा।

इंदौर के निवेश सलाहकार का आकलन

इंदौर के निवेश सलाहकार पुनीत पांडेय ने कहा कि मौजूदा तनाव लंबे समय तक नहीं रहने की संभावना है और हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं। उनके मुताबिक, क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच भी व्यापारिक गतिविधियां पुनर्संतुलन के साथ आगे बढ़ती हैं और संस्थागत नेटवर्क मिलकर काम करते हैं।

“अभी जो हालात हैं, वे बहुत जल्द सामान्य हो जाएंगे। दुबई भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी के पैमाने पर ऐसा केंद्र है जहां व्यापार सबसे अधिक आता है।” — पुनीत पांडेय

पांडेय ने यह भी कहा कि दुबई भारत और अन्य देशों के बीच व्यापार का मुख्य गेट बना हुआ है। उनके अनुसार, इसी संरचनात्मक स्थिति के कारण वहां निवेश को कारोबारी दृष्टि से लगातार लाभकारी माना जाता है। फिलहाल इंदौर के परिवारों की प्राथमिकता सुरक्षित वापसी है, जबकि कारोबारी पक्ष निवेश विकल्पों पर नजर बनाए हुए है।