Delhi News: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था सहित भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी आज शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है।
शेयर बाजार का हाल: निवेशकों के उड़े होश
आज सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,000 अंक (1.14%) से ज्यादा टूटकर 80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 300 अंकों की गिरावट के साथ 24,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
जंग की स्थिति में बढ़ती अनिश्चितता के कारण सबसे ज्यादा मार रियल्टी, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों पर पड़ी है। जानकारों का कहना है कि जब युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो निवेशक जोखिम भरे शेयरों से पैसा निकालकर सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं, जिससे बाजार गिरता है।
कच्चा तेल और महंगाई का झटका
तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड 10% उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। आशंका जताई जा रही है कि यदि युद्ध और बढ़ा, तो तेल 120 डॉलर के पार जा सकता है। भारत के लिए यह बुरी खबर है क्योंकि इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹5 तक का उछाल आ सकता है, जिससे सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ेगी।
सोना-चांदी में लगी ‘आग’
जंग की खबरों ने सर्राफा बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। MCX पर सोना 5,000 रुपये महंगा होकर 1.67 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी भी 8,000 रुपये की छलांग लगाकर 2.91 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह तेजी अभी थमने वाली नहीं है और सोना जल्द ही 1.90 लाख का आंकड़ा छू सकता है।
वैश्विक बाजारों की स्थिति
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट है। जापान का निक्केई 1.5% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 1.6% नीचे गिरकर कारोबार कर रहे हैं। पिछले हफ्ते अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट का रुख देखा गया था, जिसका असर आज भारतीय निवेशकों की धारणा पर स्पष्ट दिख रहा है।