मोहन यादव ने सोमवार को कैबिनेट मंत्रियों के साथ निमाड़-मालवा के आराध्य लोक देवता भीलट देव के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली और किसानों की समृद्धि की प्रार्थना की। बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट बैठक से पहले सभी मंत्रियों ने सतपुड़ा की पहाड़ियों पर स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक आस्था के इस पावन स्थल से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और यहीं से प्रदेशहित में महत्वपूर्ण निर्णयों की शुरुआत करना शुभ संकेत है।
नागलवाड़ी में ऐतिहासिक कृषि कैबिनेट, लोक संस्कृति को सम्मान
नागलवाड़ी में आयोजित यह पहली कृषि कैबिनेट केवल प्रशासनिक बैठक नहीं, बल्कि लोक संस्कृति और परंपराओं के सम्मान का प्रतीक भी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित कर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की प्रगति का आधार कृषि और किसान ही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और कैबिनेट में लिए जाने वाले सभी निर्णय किसानों और आमजन के हित में होंगे।
मां नर्मदा का आशीर्वाद और निमाड़ की कृषि समृद्धि
मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि यहां मां नर्मदा का पावन आंचल मिला है, जिसकी जलधारा से खेतों की सिंचाई हो रही है। नर्मदा नदी के जल से संचालित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं ने बड़वानी सहित पूरे निमाड़ क्षेत्र के किसानों को नई ताकत दी है। आज यहां के किसान एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि शुरुआत में उत्पादन कम हो सकता है, लेकिन इससे मृदा की उर्वरता बढ़ेगी और भविष्य में बेहतर उत्पादन मिलेगा।
सतपुड़ा की वादियों में बसा आध्यात्मिक और रमणीय स्थल
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन करते हुए कहा कि सतपुड़ा की हरियाली के बीच स्थित भीलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय और ऊर्जा से भरपूर स्थल है। उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार में संत श्री सियाराम बाबा के योगदान को भी स्मरण किया। दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने सामूहिक रूप से फोटो भी खिंचवाया, जो इस ऐतिहासिक अवसर की यादगार बन गया।
कृषि प्रदर्शनी में दिखी निमाड़ की विविधता और नवाचार
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में निमाड़ के खेतों और बाड़ियों में उगाई जाने वाली फसलों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को प्रदर्शित किया गया। किसानों ने मुख्यमंत्री को क्षेत्रीय खेती की विशेषताओं और उत्पादन मॉडल के बारे में जानकारी दी। बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने भी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले की कृषि उपलब्धियों और योजनाओं की रूपरेखा साझा की।
अलग-अलग थीम पर आधारित नवाचार मॉडल
प्रदर्शनी में प्राकृतिक खेती के प्रभावी मॉडल, ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल, केले का विकास मॉडल, डॉलर चना की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला, बड़वानी मिर्च प्लास्टर, तिल को उभरती फसल के रूप में प्रस्तुत करना, गन्ना आधारित आर्थिक मॉडल, मिशन सिकलसेल उन्मूलन कार्यक्रम और नवाचार वन ग्राम समृद्धि अभियान जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इन थीम आधारित प्रस्तुतियों ने यह दर्शाया कि निमाड़ क्षेत्र कृषि नवाचार और विविधता के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है।