रंगों के त्योहार पर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, भोपाल में इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी 24×7 सक्रिय, CMHO ने जारी किए सुरक्षा निर्देश

मध्य प्रदेश में होली और रंगपंचमी का उत्साह चरम पर है। राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में रंग, गुलाल और जुलूसों की धूम मची हुई है। इसी बीच आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी की है। त्योहार के दौरान संभावित भीड़, जुलूस और सार्वजनिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अप्रिय घटना या स्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

108 एंबुलेंस और मेडिकल टीमें रहेंगी तैनात

भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख चौक-चौराहों और बड़े आयोजनों के पास विशेष निगरानी रखी जाएगी। इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए 108 एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि दुर्घटना, झगड़े, एलर्जी या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। शहर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि सभी शासकीय अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीमों की ड्यूटी तय कर दी गई है, जिससे किसी भी प्रकार की चिकित्सा जरूरत में देरी न हो।

सस्ते रंगों में छिपा खतरा, स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

डॉ. मनीष शर्मा ने बाजार में बिक रहे सस्ते और चटख रंगों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया कि कई कृत्रिम रंगों में लेड, ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट और माइका जैसे हानिकारक तत्व पाए जाते हैं। ये केमिकल त्वचा में जलन, एलर्जी, आंखों में संक्रमण, यहां तक कि सांस की नली को भी प्रभावित कर सकते हैं। यदि रंग लगाने के बाद त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, आंखों में जलन या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में परामर्श लेना चाहिए। लापरवाही बरतना गंभीर समस्या को जन्म दे सकता है।

होली खेलने से पहले अपनाएं सावधानियां

स्वास्थ्य विभाग ने त्योहार को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी जारी किए हैं। रंग खेलने से पहले शरीर पर नारियल तेल या मॉइस्चराइजर लगाने से रंग का दुष्प्रभाव कम हो सकता है। साथ ही पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना बेहतर रहता है, ताकि त्वचा का सीधा संपर्क रासायनिक रंगों से न हो। केवल प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की गई है, क्योंकि अधिकतर हादसे नशे की अवस्था में ही सामने आते हैं।

त्योहार में भी निर्बाध रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिलाया है कि होली और रंगपंचमी के दौरान भी चिकित्सा सेवाएं सामान्य दिनों की तरह सुचारू रूप से संचालित होंगी। आपातकालीन वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और एंबुलेंस सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रहेंगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि रंगों के इस पर्व में किसी भी नागरिक को चिकित्सा सुविधा के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े और सभी लोग सुरक्षित एवं स्वस्थ तरीके से त्योहार का आनंद ले सकें।