शहर और आसपास के इलाकों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने मास्टर प्लान के अंतर्गत तीन अहम सड़कों के निर्माण का निर्णय लिया है। करीब 5.80 किलोमीटर लंबाई वाली इन परियोजनाओं पर 7 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की लागत आएगी। इन सड़कों का उद्देश्य न केवल यातायात को सुचारु बनाना है, बल्कि अवैध अतिक्रमण हटाकर चौड़ी और सुरक्षित मार्ग व्यवस्था तैयार करना भी है। विभाग के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
कौन-कौन सी सड़कें होंगी विकसित
इन परियोजनाओं में पहली सड़क नयागांव रायरु बायपास से रेडियो रूम तक 0.50 किमी लंबाई की है, जिसकी अनुमानित लागत 104.95 लाख रुपये तय की गई है। दूसरी सड़क सिकरवार मार्केट से पुरानी छावनी चौराहा मार्ग तक 1.30 किमी लंबी होगी, जिसमें नाला निर्माण भी शामिल है और इस पर लगभग 232.95 लाख रुपये खर्च होंगे। तीसरी और सबसे लंबी सड़क रायरूगांव से बॉडन का पुरा होते हुए जोर वाले बाबा गंगापुर वाया प्यारा सिंह का पुरा तक 4.00 किमी लंबाई में विकसित की जाएगी, जिसकी लागत 362.55 लाख रुपये आंकी गई है। तीनों सड़कों की कुल लंबाई 5.80 किमी है।
अतिक्रमण हटाकर चौड़ी होंगी सड़कें
निर्माण कार्य शुरू होने से पहले संबंधित मार्गों पर मौजूद करीब 50 अतिक्रमणों को चिह्नित कर हटाया जाएगा। अतिक्रमण हटने से सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी और वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित हो सकेगी। विभाग का कहना है कि सड़कें पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाई जाएंगी ताकि भविष्य में भी यातायात बाधित न हो।
यातायात और जल निकासी व्यवस्था में सुधार
इन सड़कों के निर्माण से स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा के आवागमन में राहत मिलेगी। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्कूल, अस्पताल तथा बाजार तक पहुंच आसान होगी। दूसरी परियोजना में नाला निर्माण शामिल होने से जल निकासी की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी, जिससे बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति नहीं बनेगी। सड़क चौड़ी होने से दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
गुणवत्ता और निगरानी पर विशेष जोर
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कार्यपालन यंत्री देवेंद्र भदौरिया के अनुसार, टेंडर ओपन होते ही अप्रैल से काम शुरू कर दिया जाएगा और प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। विभाग का दावा है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित बनेगी।