‘मामा’ का नया मिशन: जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री शिवराज के 5 बड़े संकल्प, अब कोचिंग और चलित अस्पताल से संवरेगा भविष्य

भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपना 66वां जन्मदिन एक नई ऊर्जा और सेवा के संकल्प के साथ मनाया। ‘पाँव-पाँव वाले भैया’ से ‘जनता के मामा’ तक का सफर तय करने वाले शिवराज ने इस अवसर पर भोपाल के स्मार्ट पार्क में सपरिवार पौधारोपण किया। उनके इस जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित देश की दिग्गज हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने जन्मदिन को महज एक उत्सव न बनाकर उसे ‘सेवा और समर्पण’ के पर्व में बदल दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे अब अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा और प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए पाँच विशेष संकल्पों पर काम करेंगे, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण को नई दिशा देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सराहा ‘जनता से जुड़ाव’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए उनके विनम्र स्वभाव की प्रशंसा की। पीएम ने लिखा, “केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे अपने विनम्र स्वभाव और जनता से जुड़ाव के लिए प्रशंसित हैं। वे हमारे किसानों के कल्याण के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं। हम उनके दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं।”

वहीं, स्वामी अवधेशानंद गिरि ने भी उनके साथ पौधा रोपा और कहा कि शिवराज का जीवन सनातन धर्म और लोक कल्याण की भावना से ओत-प्रोत है।
शिवराज के 5 संकल्प: सेवा के नए आयाम
शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हुए अपनी आगामी कार्ययोजना का खाका पेश किया:
  1. मामा कोचिंग क्लासेस: उन्होंने कहा कि पैसे की कमी किसी बच्चे की प्रगति में बाधा नहीं बनेगी। विदिशा, रायसेन और भैरुंदा में मुफ्त कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे, ताकि गरीब बच्चे भी प्रशासनिक सेवाओं (अफसर) की तैयारी कर सकें।
  2. मामा चलित अस्पताल: विदिशा संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभाओं के लिए 8 आधुनिक मोबाइल क्लिनिक शुरू किए जाएंगे। ये वैन दूरस्थ गांवों और मजरे-टोलों तक पहुंचेंगी, जहाँ ईसीजी और ब्लड टेस्ट जैसी सुविधाएं और डॉक्टर मौके पर उपलब्ध होंगे।
  3. पर्यावरण संरक्षण: “पेड़ केवल लकड़ी का ढांचा नहीं, बल्कि ऑक्सीजन की फैक्ट्री हैं।” शिवराज ने संकल्प लिया है कि वे धरती के बढ़ते तापमान को कम करने के लिए वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाएंगे।
  4. प्रतिभा सम्मान: अपने माता-पिता की स्मृति में वे ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ शुरू करेंगे, जिसके तहत मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  5. दिव्यांग सशक्तिकरण: दिव्यांगों को अब हाथों से साइकिल चलाने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें मोटराइज्ड (बैटरी वाली) ट्राई-साइकिल दी जाएगी, जिससे वे स्वरोजगार भी कर सकें।
स्वागत की नई परंपरा: ‘गुलदस्ता नहीं, पौधा दीजिए’
केंद्रीय मंत्री ने अपने मंत्रालयों (कृषि और ग्रामीण विकास) में एक अनूठी परंपरा शुरू की है। अब किसी भी सरकारी कार्यक्रम में उनका स्वागत शॉल, श्रीफल या गुलदस्ते से नहीं, बल्कि पौधों से किया जाएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी यही अपील की है। साथ ही, ‘शिव वृक्ष मित्र’ पोर्टल के माध्यम से लोग पौधे लगाकर अपनी फोटो क्यूआर कोड के जरिए अपलोड कर सकेंगे।

“राजनीति मेरे लिए केवल पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है। जब तक शरीर में सांस है, पर्यावरण और गरीबों की सेवा का यह क्रम जारी रहेगा।”शिवराज सिंह चौहान