देश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 7 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त, महाराष्ट्र में जिष्णु देव वर्मा और बिहार में सैयद अता हसनैन को जिम्मेदारी

देश में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने सात राज्यों के राज्यपालों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों की नई नियुक्तियों की घोषणा की है। जारी सूची के मुताबिक कई राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं, वहीं दिल्ली और लद्दाख के उपराज्यपाल भी बदले गए हैं। इस फेरबदल को केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में राज्यों के प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरणों पर भी दिखाई दे सकता है।

इस बदलाव के तहत West Bengal में R. N. Ravi को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं Maharashtra में Jishnu Dev Varma को नई जिम्मेदारी दी गई है। Bihar के राज्यपाल के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) Syed Ata Hasnain को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा Telangana में Shiv Pratap Shukla को राज्यपाल बनाया गया है। Himachal Pradesh में Kavinder Gupta को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि Nagaland में Nand Kishore Yadav को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही Rajendra Vishwanath Arlekar को Tamil Nadu का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, वे पहले से Kerala के राज्यपाल हैं।

केंद्र शासित प्रदेशों में भी बदलाव किया गया है। Delhi के नए उपराज्यपाल के रूप में Taranjit Singh Sandhu की नियुक्ति की गई है। वहीं मौजूदा उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena को अब Ladakh भेजा गया है, जहां वे नए उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इस तरह केंद्र ने राजधानी और रणनीतिक रूप से अहम लद्दाख दोनों जगहों पर नए प्रशासनिक चेहरे तैनात किए हैं।

बिहार के नए राज्यपाल बनाए गए लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) Syed Ata Hasnain को रणनीतिक और सुरक्षा मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवा देने वाले हसनैन को विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव रहा है। वे National Disaster Management Authority के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों की गहरी समझ को देखते हुए माना जा रहा है कि बिहार जैसे बड़े और जटिल राज्य में उनकी नियुक्ति प्रशासनिक अनुशासन और सुरक्षा दृष्टिकोण को मजबूत कर सकती है।

दिल्ली के नए उपराज्यपाल बनाए गए Taranjit Singh Sandhu एक अनुभवी राजनयिक रहे हैं। वे United States में भारत के राजदूत के रूप में भी कार्य कर चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने वॉशिंगटन डीसी सहित कई महत्वपूर्ण मिशनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। माना जा रहा है कि दिल्ली जैसे संवेदनशील और राजनीतिक रूप से सक्रिय केंद्र शासित प्रदेश में उनकी नियुक्ति केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने में सहायक हो सकती है।

इधर इस बदलाव को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। Mamata Banerjee ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यपाल के अचानक इस्तीफे के पीछे की असली वजह उन्हें पता नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुछ राजनीतिक कारणों से केंद्र सरकार की ओर से दबाव बनाया गया हो सकता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा और कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें इस तरह की कार्रवाई पर आश्चर्य नहीं होगा।