MP में मार्च में ही ‘अप्रैल’ जैसे गर्मी के तेवर: पारा 39°C के पार, अगले 4 दिनों में छू सकता है 40 का आंकड़ा!

MP Weather: मध्य प्रदेश में इस साल मौसम के मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। मार्च की शुरुआत में ही प्रदेश में कड़ाके की धूप और ‘अप्रैल’ जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में सूरज के तेवर सबसे ज्यादा तीखे हैं। आलम यह है कि नर्मदापुरम में सीजन में पहली बार पारा 39.4°C के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है।
बदल गया 10 साल का ट्रेंड
मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक दशक में प्रदेश में तेज गर्मी का दौर आमतौर पर 15 मार्च के बाद यानी महीने के दूसरे पखवाड़े में शुरू होता था। हालाकि, इस साल मार्च के पहले हफ्ते में ही तापमान में जबरदस्त उछाल आया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के ऊपर से टर्फ लाइन गुजरने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने के बावजूद इनका विशेष प्रभाव नहीं दिख रहा है। आसमान पूरी तरह साफ होने की वजह से सूरज की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे तपिश बढ़ गई है।
प्रमुख शहरों का तापमान: कहाँ कितनी गर्मी?
गुरुवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों में गर्मी का असर कुछ इस प्रकार रहा:
  • नर्मदापुरम: 39.4°C (सबसे गर्म शहर)
  • इंदौर/ग्वालियर/उज्जैन/जबलपुर: 35°C से अधिक
  • भोपाल: 34.6°C
  • खजुराहो: 36.8°C
  • रतलाम/धार: 36°C से ऊपर
न केवल दिन, बल्कि रातें भी अब धीरे-धीरे गर्म होने लगी हैं। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 18°C के ऊपर पहुंच गया है, जिससे रात की गुलाबी ठंड भी गायब होने लगी है।
अगले 4 दिन और अप्रैल-मई की चेतावनी
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले 4 दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में, मार्च के पहले ही पखवाड़े में पारा 40°C के लैंडमार्क को छू सकता है।
सबसे चिंताजनक बात आने वाले महीनों के लिए है। वैज्ञानिकों के अनुसार:
  1. लू (Heat Wave): इस साल अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक लू चलने की संभावना है।
  2. भीषण गर्मी: ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभागों में पारा 45°C के पार जा सकता है।
  3. मिक्स वेदर: मार्च के महीने में ‘तीनों मौसम’ का असर दिखेगा। जहाँ दिन में झुलसाने वाली गर्मी होगी, वहीं रात का तापमान 10 से 17 डिग्री के बीच रहेगा, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
फरवरी की मार के बाद अब गर्मी की चुनौती
यह गर्मी का दौर ऐसे समय में आया है जब किसान पहले ही मौसम की मार झेल चुके हैं। फरवरी महीने में चार अलग-अलग चरणों में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया था। सरकार द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे भी कराया गया है। अब अचानक बढ़ते तापमान ने रबी की फसलों की कटाई और भंडारण की चुनौतियों को बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों की सलाह: मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।