इंदौर में ‘कार्डियोलॉजी अपडेट 2026’ का शानदार समापन: हृदय रोगों के लिए ‘बचाव से उपचार’ तक की राह हुई आसान

Indore News: मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर एक बार फिर चिकित्सा जगत के बड़े विचार-विमर्श का केंद्र बनी। शहर में आयोजित ‘दूसरा कार्डियोलॉजी अपडेट 2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें देशभर के विख्यात हृदय रोग विशेषज्ञों ने शिरकत की।
कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल (KDAH), आईएमए इंदौर और कॉम्प्रिहेंसिव कार्डिएक केयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘प्रिवेंशन टू इंटरवेंशन’ यानी ‘बचाव से उपचार’ के मंत्र को साकार करना था।
300 विशेषज्ञों का जमावड़ा और आधुनिक चिकित्सा पर चर्चा
इस गरिमामय आयोजन में लगभग 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु बीमारी की शुरुआती पहचान और समय पर सटीक उपचार रहा। आयोजन सचिव और कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर के सेंटर फॉर कार्डिएक साइंसेस के डायरेक्टर डॉ. अखिलेश जैन ने कार्यक्रम का सफल नेतृत्व किया।
वैज्ञानिक सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की:
  • जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन: हृदय की धमनियों से जुड़ी जटिल सर्जरी और उनके आधुनिक विकल्प।
  • हार्ट डिवाइस थेरेपी: धड़कन की अनियमितता को सुधारने के लिए पेसमेकर और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग।
  • मल्टी-ऑर्गन केयर: हृदय रोग का किडनी और मधुमेह (डायबिटीज) के साथ संबंध, और अंगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए शुगर नियंत्रण।
  • पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी: बच्चों में होने वाले जन्मजात हृदय रोगों का प्रभावी उपचार।
देशभर के दिग्गज डॉक्टरों ने साझा किए अनुभव
सम्मेलन में दिल्ली, मुंबई, जयपुर, रायपुर और जबलपुर जैसे शहरों से आए नामचीन विशेषज्ञों ने अपने शोध और केस स्टडीज साझा किए। प्रमुख वक्ताओं में मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली के डॉ. मितेंद्र सिंह यादव, मुंबई से डॉ. वेंकट डी. नागराजन और डॉ. रुचि सेट्टी, तथा न्यूयॉर्क से फेलोशिप प्राप्त जयपुर के डॉ. प्रशांत द्विवेदी शामिल थे। स्थानीय विशेषज्ञों में डॉ. संदीप सक्सेना (नेफ्रोलॉजी) और डॉ. किरनेश पांडे (डायबेटोलॉजी) ने भी अपने विचार रखे।

“अब बीमारी से बचाव और उपचार को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। मरीजों के बेहतर जीवन के लिए जोखिमों की समय पर पहचान और टीम-आधारित देखभाल ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है।” — डॉ. अखिलेश जैन, आयोजन सचिव

चिकित्सा जगत के लिए नया मार्गदर्शक
आईएमए इंदौर के अध्यक्ष डॉ. वल्लभ मुंद्रा ने इस उच्च स्तरीय शैक्षणिक आयोजन (CME) की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों को आधुनिक प्रोटोकॉल समझने में मदद मिलती है। इससे न केवल डॉक्टरों के निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि विभिन्न विशेषज्ञों के आपसी समन्वय से मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
सम्मेलन के समापन पर विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य की कार्डियोलॉजी केवल सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक, जीवनशैली में बदलाव और शुरुआती जांच का एक समावेशी मिश्रण है।