इंदौर की रंगपंचमी बनेगी खास, गेर में बरसेंगे टेसू के रंग, हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश और दिखेगा लट्ठमार होली-राधा कृष्ण महारास का रंग

होली के बाद अब इंदौर शहर रंगपंचमी के भव्य और पारंपरिक उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है। हर साल की तरह इस बार भी शहर में रंगों की धूम देखने को मिलेगी और हजारों लोग इस अनोखे आयोजन में शामिल होंगे। रविवार, 8 मार्च को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र में शहर की प्रसिद्ध गेर और फाग यात्राएं निकलेंगी, जो रंगपंचमी की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती हैं। इस दिन चार प्रमुख गेर और दो भव्य फाग यात्राएं शहर की गलियों और प्रमुख मार्गों से गुजरेंगी। इनमें शामिल होने वाले हुरियारे रंग, गुलाल और संगीत के बीच झूमते हुए नजर आएंगे। राजवाड़ा क्षेत्र में पूरा वातावरण उत्सवमय हो जाएगा और चारों ओर रंगों की बारिश देखने को मिलेगी।

आयोजन से पहले तैयारियों की टेस्टिंग, रंगों की तोप और मिसाइलों का किया गया ट्रायल

रंगपंचमी के इस बड़े आयोजन से एक दिन पहले शनिवार को आयोजकों ने तैयारियों की व्यापक टेस्टिंग भी की। कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न समितियों ने व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। इस दौरान विशेष रूप से तैयार की गई तोपों से फूलों की बौछार की गई और मिसाइलों के माध्यम से रंग उड़ाकर पूरे सिस्टम की जांच की गई। आयोजकों ने यह भी देखा कि रंगों की बारिश और गुलाल उड़ाने की व्यवस्था सही ढंग से काम कर रही है या नहीं। इसके अलावा समितियों ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आयोजन के दौरान पालन किए जाने वाले नियमों पर भी विस्तार से चर्चा की, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफल तरीके से आयोजित किया जा सके।

सामाजिक समरसता रंगरंगा गेर का 76वां साल, टेसू के फूलों से बनेगा प्राकृतिक रंग

इंदौर के संगम कॉर्नर से निकलने वाली संस्था सृजन की सामाजिक समरसता रंगरंगा गेर इस बार अपने 76वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। यह गेर शहर की सबसे लोकप्रिय और आकर्षक गेरों में से एक मानी जाती है। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष करीब 8 हजार किलो टेसू के फूलों से तैयार लगभग 2500 किलो प्राकृतिक रंग और गुलाल का उपयोग किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि इस बार गेर में कई विशेष आकर्षण भी देखने को मिलेंगे। राजवाड़ा पर बरसाने की प्रसिद्ध लट्ठमार होली की झलक, राधा-कृष्ण के महारास की प्रस्तुति और रंगों के माध्यम से आसमान में तिरंगे का दृश्य दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।

रसिया कॉर्नर की गेर में सामाजिक संदेश, हरिराम मंदिर से होगी शुरुआत

इसी तरह रसिया कॉर्नर से निकलने वाली गेर इस वर्ष अपने 53वें आयोजन के साथ लोगों को रंगों के उत्सव में शामिल करेगी। इस गेर की शुरुआत सुबह 10 बजे हरिराम मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद होगी। संयोजक राजपाल जोशी के अनुसार गेर में शामिल सभी वाहनों पर भगवा ध्वज लगाए जाएंगे और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर संदेश भी दिए जाएंगे। गेर के दौरान पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, नृत्य और रंगों की बौछार के बीच हुरियारे पूरे उत्साह के साथ रंगपंचमी का जश्न मनाएंगे।

टोरी कॉर्नर गेर सबसे पुरानी परंपरा, रंगीन पानी के टैंकर और मिसाइलें रहेंगी खास

इंदौर शहर की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक गेर टोरी कॉर्नर से निकलती है, जो इस बार अपने 77वें वर्ष में आयोजित की जा रही है। इस गेर को देखने के लिए हर साल हजारों लोग राजवाड़ा क्षेत्र में जुटते हैं। संस्थापक शेखर गिरि के अनुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाली इस गेर में पांच बड़े टैंकरों के माध्यम से रंगीन पानी की बौछार की जाएगी। इसके साथ ही छह विशेष मिसाइलों के जरिए रंग और गुलाल को हवा में उड़ाया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण रंगों से भर जाएगा। वहीं छीपा बाखल क्षेत्र से निकलने वाली मारल क्लब की गेर भी इस बार अपने 52वें वर्ष में प्रवेश कर रही है और इसके लिए भी विशेष सजावट और रंगों की व्यवस्था की गई है।

पलाश के फूलों से बने प्राकृतिक रंग, फाग यात्राओं में दिखेंगी धार्मिक झांकियां

नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से निकलने वाली हिंद रक्षक फाग यात्रा इस बार अपने 28वें वर्ष में आयोजित होगी। संयोजक एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ के अनुसार यह यात्रा सुबह 10 बजे मंदिर से शुरू होगी और इसमें पलाश के फूलों से तैयार किए गए प्राकृतिक रंगों से रंगों की वर्षा की जाएगी। यात्रा में भगवान महाकाल की भस्म आरती के शृंगारित स्वरूप की भव्य झांकी भी निकाली जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसके अलावा धार्मिक संगीत और भजन मंडलियां भी यात्रा के दौरान प्रस्तुति देंगी।

राधा-कृष्ण रास रंग फाग यात्रा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रंगों की बारिश

बाणगंगा क्षेत्र में कुशवाह नगर चौराहे से मरीमाता चौराहे तक राधा-कृष्ण रास रंग फाग यात्रा भी पूरे उत्साह के साथ निकाली जाएगी। यह यात्रा सुबह 9 बजे शुरू होगी और इसमें रंगों की बौछार करने वाली विशेष मिसाइलों का उपयोग किया जाएगा, जो करीब 300 फीट की दूरी तक रंग और गुलाल उड़ाने में सक्षम होंगी। इसके अलावा फूलों की तोप से भी फूल बरसाए जाएंगे। यात्रा में आदिवासी नृत्य दल, गरबा कलाकार और भजन मंडलियां अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देकर पूरे माहौल को उत्सवमय बनाएंगी।

पारिवारिक माहौल में निकलेगी रंगारंग रास-उल्लास फाग यात्रा

संस्था अग्रमंच द्वारा अग्रवाल नगर बगीचा से शहर की पहली पारिवारिक रंगारंग रास-उल्लास फाग यात्रा भी निकाली जाएगी। यह यात्रा सुबह 9 बजे शुरू होगी और इसमें श्याम बाबा के रथ से रंग बरसाए जाएंगे। संस्था के संस्थापक आशीष गोयल के अनुसार पिछले दस वर्षों से यह फाग यात्रा पारिवारिक माहौल में आयोजित की जा रही है, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य रंगपंचमी के उत्सव को पारिवारिक और सांस्कृतिक रूप में मनाना है।

राजवाड़ा पर हेलीकॉप्टर से होगा फूल और गुलाल का भव्य स्वागत

इस बार रंगपंचमी के आयोजन को और भी खास बनाने के लिए एक अनोखी व्यवस्था की गई है। राजवाड़ा पहुंचने वाली गेर का स्वागत हेलीकॉप्टर से फूल और गुलाल बरसाकर किया जाएगा। पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल के अनुसार यह इंदौर के इतिहास में पहली बार होगा जब गेर में शामिल हुरियारों पर आसमान से गुलाल और फूलों की वर्षा की जाएगी। इस अनोखे स्वागत से रंगपंचमी का उत्साह और भी दोगुना हो जाएगा और राजवाड़ा क्षेत्र में रंगों का यह नजारा देखने लायक होगा। हजारों लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे और इंदौर एक बार फिर अपने अनोखे रंगपंचमी उत्सव के लिए देशभर में चर्चा का केंद्र बनेगा।