इंदौर रंगपंचमी 2026: राजवाड़ा पहुंची पहली गेर, रंगों की मिसाइलों से सतरंगी हुआ आसमान, छतों से उमड़ी दर्शकों की भीड़

देवी अहिल्या की नगरी इंदौर में रंगपंचमी का उत्साह चरम पर है। शहर की पारंपरिक गेरों का सिलसिला शुरू हो चुका है और सबसे पहले टोरी कॉर्नर की गेर राजवाड़ा पहुंच गई। करीब सवा 11 बजे यह गेर राजवाड़ा क्षेत्र में पहुंची, जहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रहे थे। गेर में सैकड़ों की संख्या में युवा और श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने रंगों के इस अनूठे उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

ढोल-ताशों की थाप पर झूमे युवा

राजवाड़ा पहुंचते ही माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। ढोल और ताशों की गूंज के बीच युवाओं ने जमकर नृत्य किया और रंगों की बारिश के बीच आनंद लिया। गेर के साथ चल रही झांकियों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों ने पूरे माहौल को और भी जीवंत बना दिया। रंगों की बौछार के बीच लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते नजर आए।

पानी की फुहारों और रंगों से सतरंगी हुआ आसमान

गेर के राजवाड़ा पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में रंगों की बारिश शुरू हो गई। पानी की तेज बौछारों के साथ गुलाल और रंग हवा में उड़ने लगे, जिससे आसमान तक सतरंगी दिखाई देने लगा। चारों ओर रंगों के बादल छा गए और पूरा इलाका रंगमय हो गया। उत्सव में शामिल लोग रंगों में सराबोर होकर इस अनोखे आयोजन का आनंद लेते दिखे।

मास्क पहनकर गेर में शामिल हुए लोग

गेर में शामिल कई लोग सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए चेहरे पर मास्क लगाए हुए नजर आए। रंगों की अधिकता और भीड़ के बीच मास्क पहनने से लोगों को रंगों से बचाव के साथ-साथ आसानी भी रही। इसके बावजूद उत्साह में किसी तरह की कमी नहीं दिखी और सभी लोग पूरे जोश के साथ उत्सव का हिस्सा बने।

पूरा राजवाड़ा क्षेत्र रंगों में डूबा

जैसे ही गेर टोरी कॉर्नर से आगे बढ़ते हुए राजवाड़ा पहुंची, पूरे इलाके का दृश्य बदल गया। हवा में उड़ते रंग और पानी की फुहारों ने पूरे माहौल को सतरंगी बना दिया। वहां मौजूद कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं था जो रंग और पानी से भीगे बिना रह गया हो। शहर के इस ऐतिहासिक आयोजन ने एक बार फिर इंदौर की रंगपंचमी को देशभर में खास पहचान दिलाई।