देवी अहिल्या की नगरी इंदौर में रंगपंचमी का उत्साह पूरे चरम पर है। शहर की पहली पारंपरिक गेर राजवाड़ा पहुंचने के साथ ही माहौल रंगों से सराबोर हो गया। शुरुआत में गेर देखने के लिए लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही थी, लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, वैसे-वैसे भीड़ बढ़ने लगी। दोपहर करीब 12 बजे के बाद अचानक बड़ी संख्या में लोग राजवाड़ा की ओर पहुंचने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने और आवागमन सुचारु रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने एमजी रोड पर लगाए गए बैरिकेड हटा दिए, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
भगवा पताका के साथ पहुंची फाग यात्रा
राजवाड़ा क्षेत्र में हिन्द रक्षक संगठन की फाग यात्रा भी पहुंची, जिसने पूरे माहौल को भक्ति और उत्साह से भर दिया। यात्रा में सबसे आगे संगठन के कार्यकर्ता भगवा ध्वज लेकर चल रहे थे, जो धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक बनकर आकर्षण का केंद्र बने। उनके पीछे भजन मंडलियां चल रही थीं, जो ढोल और वाद्य यंत्रों के साथ भक्ति गीत गाते हुए माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग रही थीं। श्रद्धालु भी इन भजनों के साथ झूमते और गाते नजर आए।
ट्रक के ब्रेक फेल होने से टला बड़ा हादसा
गेर के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब मॉरल क्लब की गेर में शामिल एक ट्रक के ब्रेक अचानक फेल हो गए। यह घटना राजवाड़ा क्षेत्र में सामने आई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि चालक की सतर्कता के कारण समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और किसी भी प्रकार का हादसा होने से बच गया। बाद में एहतियात के तौर पर उस ट्रक को गेर के काफिले से अलग कर दिया गया, ताकि आगे किसी तरह का जोखिम न रहे।
ड्रोन और पुलिस बल से कड़ी निगरानी
रंगपंचमी के इस बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। गेर मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात है और कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। इसके अलावा वॉच टावर बनाए गए हैं और ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अव्यवस्था की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गेर मार्ग पर वाहनों की एंट्री पर रोक
भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गेर मार्ग और राजवाड़ा क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यहां केवल पैदल लोगों को ही आने की अनुमति दी गई है। पुलिसकर्मी हर चौराहे और मार्ग पर तैनात होकर लोगों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं, ताकि उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी या अव्यवस्था न हो और रंगपंचमी का यह पारंपरिक उत्सव सुरक्षित और उल्लासपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।