इंदौर में स्वच्छता का महाअभियान: ‘घर की सफाई – RRR कलेक्शन ड्राइव’ का शंखनाद

Indore News: स्वच्छता में आठ बार देश का सिरमौर रहने वाला इंदौर शहर अब ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से कंचन) की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रहा है। मंगलवार को इंदौर नगर निगम द्वारा शहर की अब तक की सबसे बड़ी “RRR (Reduce, Reuse, Recycle) कलेक्शन ड्राइव – घर की सफाई अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस विशेष अभियान की शुरुआत महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव एवं निगमायुक्त श्री क्षितिज सिंघल द्वारा जोन क्रमांक 8 की क्लासिक पूर्णिमा कॉलोनी से 5 विशेष वाहनों को हरी झंडी दिखाकर की गई।

भारतीय परंपरा और ‘री-यूज’ का संगम

अभियान के शुभारंभ अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि री-यूज (पुनः उपयोग) का विचार हमारे लिए नया नहीं है, बल्कि यह हमारी भारतीय गौरवशाली परंपरा का अटूट हिस्सा रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हमारे घरों में बड़े भाई की पुरानी किताबें, कपड़े और खिलौने छोटे भाई-बहनों द्वारा उपयोग किए जाने की परंपरा सदियों से रही है। यही भाव संसाधनों के संरक्षण का सबसे बड़ा उदाहरण है।”

इसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप देते हुए नगर निगम ने यह अभियान शुरू किया है, ताकि घरों के कबाड़ को कचरा बनने के बजाय किसी की जरूरत बनाया जा सके।

कैसे काम करेगा यह अभियान?

इस अभियान के तहत 31 मार्च तक विशेष वाहन शहर के हर वार्ड और घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क करेंगे। नागरिक अपने घर की निम्नलिखित अनुपयोगी वस्तुएं इन वाहनों को सौंप सकते हैं:

  • पुराने कपड़े और जूते

  • किताबें और स्टेशनरी का सामान

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (E-waste)

  • खिलौने और फर्नीचर

  • अन्य उपयोगी घरेलू सामग्री

इन वाहनों द्वारा एकत्रित किया गया सारा सामान केसरबाग ब्रिज के नीचे स्थित 3R सेंटर ले जाया जाएगा। वहां विशेषज्ञों की टीम इस सामग्री की छंटाई करेगी और ‘वेस्ट से बेस्ट’ की अवधारणा के तहत उन्हें मरम्मत कर या पुनर्चक्रित (Recycle) कर जरूरतमंदों के लिए तैयार किया जाएगा।

बजट सम्मेलन में दिखेगा ‘इको-फ्रेंडली’ बदलाव

महापौर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी नगर निगम बजट सत्र के दौरान एक नई परंपरा शुरू की जाएगी। इस बार समस्त पार्षद और महापौर परिषद (MIC) के सदस्य लेदर बैग के स्थान पर री-यूज्ड मटेरियल से बने कपड़े के झोलों का उपयोग करेंगे। यह कदम न केवल प्लास्टिक और चमड़े के उपयोग को कम करेगा, बल्कि स्वच्छता के प्रति जन-प्रतिनिधियों की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा।

प्रशासन की अपील: बनाएं इसे जन-आंदोलन

आयुक्त क्षितिज सिंघल ने शहरवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इंदौर ने हमेशा नवाचारों को अपनाया है और यह अभियान शहर में ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ को मजबूत करेगा। स्वास्थ्य प्रभारी श्री अश्विनी शुक्ल ने भी विश्वास जताया कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज के अभावग्रस्त वर्गों की सहायता के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की और अपने घरों से अनुपयोगी सामान दान कर अभियान की शुरुआत की।