AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का यूनिवर्सल बैंक बनने का रास्ता साफ: RBI ने NOFHC की शर्त में दी बड़ी ढील

Mumbai News: एयू (AU) स्मॉल फाइनेंस बैंक के यूनिवर्सल बैंक में बदलने की दिशा में एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक के लिए नॉन-ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी (NOFHC) संरचना की अनिवार्य शर्त में महत्वपूर्ण ढील दी है।
क्या है पूरा मामला?
7 मार्च 2026 को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से बैंक ने बताया कि उसे RBI से संशोधित निर्देश प्राप्त हुए हैं। इससे पहले, अगस्त 2025 में जब RBI ने बैंक को यूनिवर्सल लाइसेंस के लिए ‘इन-प्रिंसिपल’ मंजूरी दी थी, तब यह शर्त रखी गई थी कि प्रमोटर्स को अपनी हिस्सेदारी एक NOFHC के जरिए रखनी होगी। अब, 6 मार्च 2026 को जारी नए पत्र में RBI ने इस शर्त को बदल दिया है।
संशोधित दिशा-निर्देशों के मुख्य बिंदु:
  • अनिवार्यता में छूट: अब AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए तुरंत NOFHC संरचना खड़ा करने की जरूरत नहीं है।
  • भविष्य की शर्त: यह संरचना केवल तभी आवश्यक होगी यदि बैंक या उसका प्रमोटर समूह भविष्य में किसी नई समूह इकाई (Group Entity) को स्थापित करने का प्रस्ताव रखता है।
  • प्रक्रिया में तेजी: इस बदलाव से बैंक के लिए कॉर्पोरेट पुनर्गठन की जटिलता कम होगी और परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
अगला कदम क्या होगा? बैंक को मिली ‘इन-प्रिंसिपल’ मंजूरी 18 महीनों के लिए वैध है। एयू बैंक अब निर्धारित समयसीमा के भीतर अंतिम (Final) लाइसेंस के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहा है। अंतिम लाइसेंस का मिलना इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक RBI के अन्य सभी नियामक मानकों और मूल्यांकन कसौटियों पर कितना खरा उतरता है।
यह खबर निवेशकों के लिए सकारात्मक है क्योंकि यह बैंक के सुचारू ट्रांज़िशन को सुनिश्चित करती है।