जॉनी लीवर के बेटे का इलाज: जब डॉक्टरों ने टेके घुटने, तब प्रार्थना से बदली किस्मत

बॉलीवुड के ‘कॉमेडी किंग’ जॉनी लीवर ने पर्दे पर करोड़ों लोगों को हंसाया है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया था जब उनके अपने घर की हंसी गायब हो गई थी।
हाल ही में उनकी बेटी और मशहूर कॉमेडियन जेमी लीवर ने एक इंटरव्यू में उस दर्दनाक और हैरान करने वाले किस्से को साझा किया, जिसने उनके पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया था।
जब मासूम जेसी को हुआ ट्यूमर
विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में जेमी ने बताया कि यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब वह और उनके भाई जेसी लीवर स्कूल में पढ़ते थे। जेसी को ट्यूमर हो गया था, लेकिन शुरुआत में परिवार को इसकी गंभीरता का अंदाजा नहीं था। जेसी अपनी बीमारी को छिपाने के लिए अलग तरह के कपड़े पहनने लगे थे ताकि ट्यूमर किसी को दिखे नहीं। एक बड़ी बहन होने के नाते जेमी स्कूल में उनका ख्याल रखती थीं, लेकिन जेसी की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही थी।
मुंबई में फेल हुई सर्जरी और बढ़ा संकट
जेमी के मुताबिक, यह उनके माता-पिता के लिए सबसे कठिन समय था। जेसी की पहली सर्जरी मुंबई में हुई थी, लेकिन दुर्भाग्य से वह सफल नहीं हो सकी। पहली सर्जरी फेल होने के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया था। दो साल के भीतर जेसी को जिस दर्द और रिकवरी के दौर से गुजरना पड़ा, वह किसी के लिए भी देख पाना मुश्किल था।
ईश्वर पर अटूट विश्वास और ‘चमत्कार’
मुश्किल की इस घड़ी में जॉनी लीवर ने हार नहीं मानी। जेमी बताती हैं कि उनके पिता घंटों घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना किया करते थे। पूरा परिवार और मिलने वाले लोग घर आकर जेसी की सेहत के लिए दुआएं मांगते थे। इसी दौरान जॉनी लीवर को अंदर से एक आवाज महसूस हुई, जैसे ईश्वर उनसे कह रहे हों कि “आगे बढ़ो और हिम्मत मत हारो।”
अमेरिका में हुआ ‘दैवीय’ समाधान
परिवार जेसी की हर आखिरी इच्छा पूरी करना चाहता था, इसलिए वे गर्मियों की छुट्टियों में उसे अमेरिका ले गए। वहां एक चर्च में जाने पर उनकी मुलाकात एक पादरी से हुई। जब पादरी को जेसी की हालत के बारे में पता चला, तो उन्होंने एक विशेष अस्पताल का नाम बताया और भरोसा दिलाया कि “ईश्वर उसे ठीक कर देंगे।”
वहां हुई सर्जरी सफल रही और जेसी पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटे। जेमी कहती हैं कि इस घटना ने उनके परिवार का ईश्वर पर विश्वास और भी गहरा कर दिया। आज जेसी बिल्कुल ठीक हैं, और लीवर परिवार इस चमत्कार के लिए हमेशा कृतज्ञ रहता है।