Indore News: भारतीय जनता पार्टी के संगठन को वैचारिक रूप से धार देने और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इंदौर के गुजराती इनोवेटिव कॉलेज में ‘पं. दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान’ के अंतर्गत एक विशाल विषय वक्ता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल सहित पार्टी के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मंडल स्तर तक पार्टी की विचारधारा और सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए वक्ताओं की एक कुशल टोली तैयार करना है।
प्रशिक्षण से निर्मित होता है ‘अजेय’ संगठन: श्री शिवप्रकाश
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ बताया। उन्होंने ‘सक्षम कार्यकर्ता-सशक्त संगठन’ के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए कहा कि यह महाअभियान ऐतिहासिक है, क्योंकि इसके तहत देशभर में लगभग 80 लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण वर्ग और आम रैलियों में बड़ा अंतर होता है। रैली और धरने ‘समाज केंद्रित’ होते हैं, जबकि प्रशिक्षण वर्ग ‘कार्यकर्ता केंद्रित’ होता है। यहाँ कार्यकर्ताओं का बौद्धिक विकास किया जाता है ताकि वे पार्टी की कार्यशैली और राष्ट्रवादी नीतियों को गहराई से समझ सकें। उन्होंने वक्ताओं से आग्रह किया कि उनका चिंतन इतना स्पष्ट होना चाहिए कि वे अपनी बात को अंतिम पंक्ति के कार्यकर्ता के हृदय तक उतार सकें।
राष्ट्रवाद और सेवा का संगम है भाजपा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से न केवल कार्यकर्ता का व्यक्तित्व निखरता है, बल्कि संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलती है। उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रतिनिधि है, जबकि कांग्रेस के पास न तो स्पष्ट विचारधारा है और न ही प्रशिक्षित नेतृत्व।
मुख्यमंत्री ने कहा, “राम मंदिर के निर्माण में अड़ंगे लगाने वाली कांग्रेस को आज रामलला के दर्शन करने में भी शर्म आती है। यह उनके सांस्कृतिक और वैचारिक पतन का परिणाम है।” उन्होंने वक्ताओं को निर्देश दिया कि वे प्रशिक्षण के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सरल और प्रभावी भाषा में जनता के सामने रखें, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँच सके।
विचारधारा के प्रति अडिगता ही हमारी शक्ति: हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने पार्टी की निरंतर चुनावी सफलताओं का श्रेय प्रशिक्षण और अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा व्यक्ति या परिवार आधारित पार्टी नहीं, बल्कि विचारधारा आधारित दल है। 1952 से लेकर आज तक भाजपा अपने सिद्धांतों (जैसे धारा 370 हटाना और राम मंदिर निर्माण) पर अडिग रही है।
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियाँ अपनी जड़ें खो चुकी हैं और कांग्रेस अपने अंतर्विरोधों से जूझ रही है, लेकिन भाजपा 1985 में दो सीटों पर सिमटने के बाद भी विचलित नहीं हुई। यही कारण है कि आज हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
सीखने की प्रक्रिया और निरंतर साधना: अजय जामवाल
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने कार्यकर्ताओं को ‘साधना’ और ‘अभ्यास’ का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सिखाना सरल है, लेकिन सीखना और आत्मसात करना कठिन। उन्होंने श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के मूल्यों का स्मरण करते हुए कहा कि एक वक्ता को कम शब्दों में सारगर्भित बात कहनी चाहिए। प्रशिक्षण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जो आत्मविश्वास का संचार करती है।
कार्यशाला का स्वरूप और उपस्थिति
इस कार्यशाला में इंदौर, उज्जैन, निमाड़ और मंदसौर संभाग के सैकड़ों विषय वक्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समानांतर सत्र आयोजित किए गए, जहाँ प्रशिक्षकों ने वक्ताओं को बारीकियों से अवगत कराया।
मंच पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व:
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डॉ. महेंद्र सिंह (प्रदेश प्रभारी)
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श्री रत्नाकर (गुजरात संगठन महामंत्री)
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श्री के.सी. पटेल (क्षेत्रीय प्रशिक्षण प्रभारी)
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कैलाश विजयवर्गीय एवं तुलसी सिलावट (कैबिनेट मंत्री)
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श्री राजेंद्र सिंह राजपूत (मंच संचालक)
कार्यशाला के अंत में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस महाअभियान के माध्यम से भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने कैडर को केवल चुनाव जीतने के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दीर्घकालिक प्रक्रिया के लिए तैयार कर रही है।