Indore/Bhopal News: मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-752D) के बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन को फोरलेन बनाने की मंजूरी दे दी गई है। लगभग 3,839 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को आगामी ‘सिंहस्थ-2028’ के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है।
विकास का नया कॉरिडोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कॉरिडोर उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के टिमरवानी इंटरचेंज से जोड़ेगा। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
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औद्योगिक मजबूती: इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों के बीच आवागमन सुगम होगा।
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आदिवासी अंचलों का विकास: धार और झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिलों में आर्थिक गतिविधियों और निवेश को नई गति मिलेगी।
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रोजगार और कृषि: बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुँचाना आसान होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सिंहस्थ 2028 के लिए मील का पत्थर
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह परियोजना सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
“सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए उज्जैन तक की राह अब और भी आसान और सुरक्षित होगी। यह फोरलेन न केवल यातायात का दबाव कम करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को आधुनिक परिवहन सुविधा भी प्रदान करेगा।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
एक नजर में परियोजना
विवरण |
जानकारी |
कुल लागत |
₹3,839 करोड़ |
सड़क मार्ग |
बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी |
मुख्य लाभ |
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव |
लक्ष्य |
सिंहस्थ 2028 हेतु बुनियादी ढांचा विकास |