छत्तीसगढ़ में राजधानी क्षेत्र को बड़े स्तर पर विकसित करने की दिशा में सरकार ने नई पहल शुरू कर दी है। अब Raipur, Naya Raipur और Durg–Bhilai को आपस में जोड़कर एक बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इस पूरे प्रोजेक्ट की तुलना Delhi NCR मॉडल से की जा रही है। सरकार का मानना है कि यदि इन शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी और साझा इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जाए, तो यह इलाका प्रदेश की आर्थिक और शहरी प्रगति का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इस योजना में मेट्रो प्रोजेक्ट को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क के जरिए इन चारों शहरों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ (SCR) यानी छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार राजधानी क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक पैनल तैयार किया जाएगा, जो चारों शहरों के विकास प्रोजेक्ट को एक साझा योजना के तहत आगे बढ़ाएगा। उद्देश्य यह है कि इन शहरों की प्लानिंग अलग-अलग न होकर एक समन्वित ढांचे के तहत की जाए, जिससे पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास हो सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। सबसे पहले यह तय किया जाएगा कि राजधानी क्षेत्र विकास योजना के दायरे में किन-किन इलाकों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद पूरे क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में काम शुरू होगा। मेट्रो प्रोजेक्ट के संभावित रूट, संचालन व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत सर्वे और स्टडी कराई जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि परियोजना तकनीकी रूप से मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।
सरकार ने इस प्राधिकरण को प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके। इसके साथ ही परियोजना के वित्तीय प्रबंधन के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट और ऑडिट सेवाओं को भी मंजूरी दी गई है। राजधानी क्षेत्र में शुरू होने वाले नए प्रोजेक्ट्स की योजना अब विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर बनाई जाएगी। इसके अलावा जमीनों के विकास और आवंटन की प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निवेशकों और नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के अलावा उपमुख्यमंत्री Arun Sao, वित्त मंत्री OP Choudhary, मुख्य सचिव Vikas Sheel, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव Subodh Kumar Singh, लोक निर्माण विभाग के सचिव Dr. Kamalpreet Singh, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी Ankit Anand सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राजधानी क्षेत्र को आधुनिक और व्यवस्थित रूप से विकसित करने की रणनीति पर चर्चा की।
दरअसल, अब तक Raipur, Naya Raipur और Durg–Bhilai में अलग-अलग एजेंसियां विकास कार्य कर रही थीं, जिसके कारण योजनाओं में समन्वय की कमी दिखाई देती थी। नई व्यवस्था के तहत अब एक ही प्राधिकरण इन सभी क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी संभालेगा और एक संयुक्त मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी सुविधाओं का विकास समग्र तरीके से किया जा सकेगा। राज्य सरकार इसे छत्तीसगढ़ के शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम मान रही है।