इंदौर में गर्मी की तैयारी: महापौर और आयुक्त ने कसी कमर, मोटर चलाकर पानी खींचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

Indore News: इंदौर शहर में आगामी ग्रीष्मकाल के दौरान जलसंकट को टालने और नागरिकों को सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंदौर नगर निगम ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने जलप्रदाय विभाग की समीक्षा बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि पानी की बर्बादी और अवैध दोहन करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
डायरेक्ट मोटर लगाने पर जप्ती और नल पर टोटी अनिवार्य
बैठक में सबसे कड़ा निर्देश उन लोगों के खिलाफ दिया गया है जो जलप्रदाय के समय मुख्य पाइपलाइन से सीधे मोटर लगाकर पानी खींचते हैं। महापौर ने निर्देशित किया कि:
  • सघन अभियान: प्रतिदिन प्रातःकाल जलप्रदाय के समय औचक निरीक्षण किया जाए।
  • मोटर जप्ती: जो भी नागरिक डायरेक्ट मोटर का उपयोग करते पाए जाएंगे, उनकी मोटर तुरंत जप्त की जाएगी।
  • चालानी कार्रवाई: जिन घरों में नलों पर टोटी (Tap) नहीं लगी है और पानी व्यर्थ बहता है, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
लीकेज और संधारण कार्य समय सीमा में होंगे पूर्ण
महापौर भार्गव ने कहा कि गर्मी में पानी की मांग बढ़ जाती है, इसलिए तकनीकी खामियों के कारण एक बूंद पानी भी व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि पाइपलाइन लीकेज और संधारण (Maintenance) के जितने भी कार्य लंबित हैं, उन्हें गर्मी का प्रकोप बढ़ने से पहले प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।
विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देने को कहा गया है जहाँ से कम दबाव (Low Pressure) या गंदे पानी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निराकरण फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर समय सीमा के भीतर दिखना चाहिए।
मॉनिटरिंग और वैकल्पिक व्यवस्था
आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जल वितरण प्रणाली की निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई:
  1. पेयजल टंकियों की स्थिति: शहर की सभी टंकियों के भरने और खाली होने के समय का मिलान करना।
  2. टैंकर प्रबंधन: जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं है, वहाँ टैंकरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  3. ट्यूबवेल संचालन: खराब पड़े ट्यूबवेलों को तुरंत सुधारना ताकि आपात स्थिति में उनका उपयोग किया जा सके।
आयुक्त ने चेतावनी दी कि जलप्रदाय व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा और अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित विभाग के सभी वरिष्ठ यंत्री उपस्थित थे।

नगर निगम का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि इंदौर इस बार “वेस्टेज” को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलेगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे जल संरक्षण में सहयोग करें और नलों में टोटी अवश्य लगवाएं।