मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज हाहाकार मचा हुआ है। 13 मार्च (शुक्रवार) को लगातार तीसरे दिन बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।
बाजार का ताजा हाल
सेंसेक्स आज 900 अंकों (1.20%) की भारी गिरावट के साथ 75,100 के स्तर पर आ गया है। वहीं, निफ्टी भी इस बिकवाली से अछूता नहीं रहा और 300 अंकों (1.40%) की गोता लगाकर 23,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में सबसे ज्यादा मार मेटल और बैंकिंग सेक्टर्स पर पड़ी है, जहाँ निवेशक तेजी से अपना पैसा निकाल रहे हैं। हालांकि, रक्षात्मक माने जाने वाले FMCG शेयर्स में मामूली बढ़त देखी जा रही है।
गिरावट के 3 बड़े कारण
युद्ध और सप्लाई चेन: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
महंगा होता कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ेगा, जिससे सीधे तौर पर महंगाई बढ़ने की आशंका है।
ग्लोबल मार्केट में कमजोरी: अमेरिकी बाजारों (डाउ जोन्स और नैस्डैक) में 1.5% से ज्यादा की गिरावट और एशियाई बाजारों (कोस्पी, निक्केई) में भारी बिकवाली का असर दलाल स्ट्रीट पर भी दिख रहा है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों की स्थिति
एशिया में जापान का निक्केई 568 अंक और साउथ कोरिया का कोस्पी 92 अंक नीचे है। इससे पहले अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहाँ डाउ जोन्स 739 अंक टूटकर 46,677 पर रहा। बाजार में यह गिरावट अनिश्चितता की वजह से है। कच्चे तेल की कीमतें अगर 120 डॉलर के स्तर की ओर दोबारा बढ़ती हैं, तो भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है।