Bhopal News: मध्य प्रदेश में मार्च के महीने ने अपने मिजाज से सबको हैरान कर दिया है। जहाँ एक ओर सूरज के तीखे तेवरों ने प्रदेश के कई हिस्सों को तपाना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) राहत और आफत दोनों साथ लेकर आ रहा है। राज्य में पहली बार मार्च के दूसरे हफ्ते में ही ‘लू’ (Heat Wave) की स्थिति बन गई है, जिससे पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा पहुँचा है।
नर्मदापुरम बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर
गुरुवार को प्रदेश के तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ बढ़त दर्ज की। नर्मदापुरम में पारा 40.2°C दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। इसके अलावा रतलाम, धार, और खजुराहो जैसे शहरों में भी भीषण गर्मी का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवाओं की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिम हो गई है, जो राजस्थान के रेतीले इलाकों से गर्म हवाएं लेकर आ रही हैं। इसी नमी की कमी और शुष्क हवाओं के कारण 10 से ज्यादा शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुँच चुका है।
दो दिनों का ‘रेन अलर्ट’: 15 और 16 मार्च को बदलेगा मौसम
भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि 14 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
15 मार्च को प्रभाव: ग्वालियर और जबलपुर समेत 16 जिलों (जैसे मुरैना, भिंड, दतिया, शहडोल, छिंदवाड़ा) में बादल छाएंगे और बौछारें पड़ सकती हैं।
16 मार्च को प्रभाव: विंध्य और बुंदेलखंड के इलाकों समेत 14 जिलों (सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना) में मौसम बिगड़ा रहेगा।
प्रमुख शहरों का हाल (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
शहर
अधिकतम तापमान
नर्मदापुरम
40.2
रतलाम
39.5
खजुराहो
39.0
इंदौर
37.8
भोपाल
37.0
मौसम के इस उतार-चढ़ाव (दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड) के कारण मौसमी बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक तापमान बढ़ने और फिर बारिश होने से सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
सावधानियां:
दिन की धूप से बचने के लिए तुरंत ठंडे पेय पदार्थों (कोल्ड ड्रिंक्स) का सहारा न लें।
बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम की ठंडी हवा से बचाएं।
हल्के सूती कपड़े पहनें लेकिन रात के समय सावधानी बरतें।
बदलता ट्रेंड: 10 साल का रिकॉर्ड टूटा
आमतौर पर मध्य प्रदेश में तेज गर्मी का ट्रेंड 15 मार्च के बाद शुरू होता है, लेकिन इस साल मार्च की शुरुआत में ही लू चलना चिंता का विषय है। यदि यही स्थिति रही, तो आने वाले अप्रैल और मई के महीने रिकॉर्ड तोड़ गर्म हो सकते हैं।