Khargone/Maheshwar: फिल्मों में करियर बनाने का सपना लेकर मध्य प्रदेश से केरल गई ‘महाकुंभ गर्ल’ के नाम से चर्चित अभिनेत्री मोनालिसा के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले ने अपनी बेटी की सुरक्षा और उसकी घर वापसी को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भावुक गुहार लगाई है।
गुरुवार को केरल से वापस खरगोन जिले के महेश्वर पहुंचे जयसिंह ने मीडिया के सामने अपना दर्द साझा करते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी को ‘लव-जिहाद’ के जाल में फंसाया गया है।
“धोखे से फंसाया, मुझे केरल से भगाया”
आंखों में आंसू लिए जयसिंह भोंसले ने बताया कि जब वे अपनी बेटी से मिलने केरल गए, तो उन्हें वहां अपमानित कर भगा दिया गया। उन्होंने कहा, “मुझे वहां से यह कहकर चलता कर दिया गया कि अब तुम्हारा यहाँ कोई काम नहीं है। मेरी बेटी ने पूरे देश में अपना नाम कमाया है, उसे धोखे से जाल में फंसाया गया है। मैं मुख्यमंत्री जी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ कि मेरी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए।”
पिता के अनुसार, उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी बेटी को अभिनय और नृत्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वह फिल्मों में बड़ा मुकाम हासिल कर सके। उन्हें अंदेशा नहीं था कि करियर बनाने के नाम पर उनकी बेटी के साथ ऐसा कुछ होगा।
पुलिस स्टेशन और मंदिर की शादी का विवाद
गौरतलब है कि बुधवार को मोनालिसा ने मुस्लिम युवक फरमान खान से एक मंदिर में शादी कर ली थी। इस शादी से ठीक पहले मोनालिसा ने केरल के थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुँचकर अपने ही पिता से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। जब जयसिंह पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो पुलिस ने मोनालिसा के बालिग होने का हवाला देते हुए उन्हें हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।
फिल्म जगत और संगठनों की प्रतिक्रिया
मोनालिसा को पहला ब्रेक देने वाले फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे ‘द केरला स्टोरी’ जैसी हकीकत बताते हुए दावा किया कि मोनालिसा ‘लव-जिहाद’ का शिकार हुई हैं। सनोज मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले पर बोलने के कारण उन्हें ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकियां मिल रही हैं।
इधर, मध्य प्रदेश के हिंदूवादी संगठनों ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। संगठनों का कहना है कि वे मोनालिसा को समझा-बुझाकर उनकी ‘घर वापसी’ सुनिश्चित करेंगे। इस घटना ने एक बार फिर अंतरधार्मिक विवाह और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है, जिसे कई मंत्री ‘केरल की सच्ची लव स्टोरी’ और ‘षड्यंत्र’ के बीच का टकराव मान रहे हैं।