Indore–Manmad Railway Line को मंजूरी मिले लगभग एक वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण परियोजना की प्रगति अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अधिग्रहण की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हुई तो परियोजना की लागत भी बढ़ सकती है। रेलवे संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने बताया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संगठनों के प्रयासों के बाद अब अधिग्रहण की प्रक्रिया में धीरे-धीरे तेजी आने लगी है।
धार जिले में शुरू हुआ भूमि अधिग्रहण का काम
परियोजना के लिए मध्य प्रदेश के Dhar district में जमीन अधिग्रहण की शुरुआत हो चुकी है। प्रशासन ने मानपुर और पीथमपुर क्षेत्र से जुड़े कई गांवों की सूची जारी की है। पीथमपुर तहसील के अंतर्गत आठ गांवों को अधिग्रहण सूची में शामिल किया गया है। हालांकि अभी भी धामनोद और खलघाट क्षेत्र के कुछ गांवों में अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होना बाकी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इन क्षेत्रों की सूची भी जारी कर दी जाएगी ताकि परियोजना का काम आगे बढ़ सके।
बड़वानी जिले में भी जल्द जारी होगी सूची
संघर्ष समिति से जुड़े लोगों के अनुसार Barwani district के लिए भूमि अधिग्रहण की सूची भी जल्द जारी हो सकती है। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है। इसके बाद जिले के प्रभावित किसानों की जमीन का सर्वे और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने अधिग्रहण तेज करने की उठाई मांग
निमाड़ क्षेत्र की मनमाड़-इंदौर रेलवे संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य कैलाश पाटीदार ने केंद्रीय मंत्री Savitribai Thakur से मांग की है कि धार जिले के बाकी क्षेत्रों में भी अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण के साथ-साथ मुआवजा वितरण का काम भी चल रहा है, जबकि मध्य प्रदेश में अभी अधिग्रहण पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है। यही वजह है कि परियोजना की गति धीमी बनी हुई है।
सेंधवा क्षेत्र की पंचायतों में भी होगा अधिग्रहण
सूत्रों के अनुसार Sendhwa विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत करीब 12 ग्राम पंचायतों में भूमि अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। इनमें कुंडिया, मालवन, सोलवन, भामनिया, बाबदढ़, छोटा जुलवानिया, नवलपुरा, बोरली, बनिहार, कलालदा और जामन्या जैसी पंचायतें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लगभग 20 किलोमीटर लंबा रेल ट्रैक प्रस्तावित है, जिसके लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
309 किलोमीटर लंबी है यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना
इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई लगभग 309 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत करीब 18,036.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह रेल मार्ग मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों—Indore, Dhar district, Khargone district और Barwani district—को महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण जिलों Nashik और Dhule से जोड़ेगा। इस कनेक्टिविटी से औद्योगिक और कृषि उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी और व्यापार को नई गति मिलेगी।
औद्योगिक, कृषि और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस रेल लाइन के बनने से इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र और नासिक-धुले जैसे प्रमुख प्याज उत्पादन क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। इससे किसानों और उद्योगों को अपने उत्पादों के परिवहन में बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे Mahakaleshwar Jyotirlinga और Trimbakeshwar Jyotirlinga के बीच यात्रा करना आसान हो जाएगा।
बड़वानी जिला पहली बार जुड़ेगा रेलवे नेटवर्क से
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा Barwani district को मिलने वाला है, क्योंकि यह जिला पहली बार सीधे भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ेगा। इससे यहां के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद निमाड़ क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।