Mhow News: इंदौर की महू तहसील के ग्राम अवलीपुरा में एक वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी के आलीशान फार्महाउस पर चल रहे अंतरराज्यीय जुआ नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।
पुलिस की विशेष टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए मौके से 18 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में रसूखदार कारोबारी, सरकारी शिक्षक और ट्रांसपोर्टर शामिल हैं। हालांकि, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड ‘जगदीश अंकल’ और फार्महाउस का केयरटेकर फिलहाल फरार हैं।
रियासती ठाट-बाट और अफसरों का नाम
सूत्रो के मुताबिक जिस फार्महाउस पर यह फड़ जमी थी, वह मध्य प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य का है। सतना की उचहेरा रियासत (प्रतिहार राजवंश) से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार का यह फार्महाउस किसी लग्जरी रिजॉर्ट से कम नहीं है। ‘बृजेन्द्र विहार’ नाम के इस ठिकाने के प्रवेश द्वार पर राजवंश का गौरवशाली बोर्ड लगा है।
एक बीघे में फैले इस दो मंजिला भवन का इंटीरियर राजमहल जैसा है, जहां बेशकीमती ट्राफियां और पूर्वजों की तस्वीरें लगी हैं। पुलिस की जांच में यह साफ हुआ है कि इस अवैध गतिविधि में आईएएस अधिकारी या उनके परिवार की कोई संलिप्तता नहीं है; केयरटेकर ने उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर इसे जुआ अड्डा बना दिया था।
‘जगदीश अंकल’ का हाई-टेक नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, इस पूरे गिरोह का सरगना जगदीश राठौर उर्फ ‘जगदीश कुबड़ा’ है, जो पूरे मालवा क्षेत्र में ‘जगदीश अंकल’ के नाम से कुख्यात है। जगदीश का नेटवर्क बेहद शातिर और हाई-प्रोफाइल है। वह रईसजादों को जुआ खिलाने के लिए ऐसी सुरक्षित जगहों का चयन करता था, जहां पुलिस की नजर न पहुंचे। उसकी खास नजर अफसरों और बड़े नेताओं के उन फार्महाउसों पर रहती थी, जहां वे महीनों तक नहीं आते थे।
जगदीश का काम करने का तरीका किसी कॉर्पोरेट जैसा है। उसकी टीम पहले लोकेशन की रेकी करती थी, फिर धार, झाबुआ, मंदसौर या बदनावर जैसे जिलों में बारी-बारी से लोकेशन बदल कर फड़ सजाई जाती थी।
आधी रात को पुलिस की घेराबंदी
सूत्रो के मुताबिक ग्रामीण आईजी अनुराग सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवलीपुरा के इस आलीशान फार्महाउस पर बड़ी बाजी लगी है। इंदौर, मानपुर और बडगोंदा पुलिस की संयुक्त टीम ने जब दबिश दी, तो मुख्य गेट पर ताला लटका मिला।
पुलिस की टीम दीवार फांदकर पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुई, जहां बरामदे में जुआ चल रहा था। पुलिस को देखते ही भगदड़ मच गई। 18 लोग दबोच लिए गए, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर सरगना जगदीश और केयरटेकर रंजीत जाट पीछे के दरवाजे से भागने में सफल रहे।
पकड़े गए ‘सफेदपोश’ जुआरी
गिरफ्तार किए गए लोगों में समाज के प्रतिष्ठित पदों पर बैठे लोग शामिल हैं, जो जुए की लत के चलते यहां पहुंचे थे:
राकेश चौधरी: झाबुआ में सरकारी स्कूल के शिक्षक।
आसिफ उर्फ चुन्नू: महेश्वर के बड़े हैंडलूम साड़ी कारोबारी।
नीतीश बंसल: बड़वानी के खाद-बीज व्यापारी।
अखिलेश झंवर: बाग क्षेत्र के बस ट्रांसपोर्टर।
लापरवाही पर गिरी गाज
इतने बड़े स्तर पर जुआ संचालन की भनक न लगने पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र हीहोर, एसआई मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।