New Delhi: तकनीकी दुनिया की दिग्गज कंपनी और फेसबुक-इंस्टाग्राम की पेरेंट संस्था, मेटा (Meta), एक बार फिर अपने इतिहास के सबसे बड़े वर्कफोर्स रिडक्शन की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली यह कंपनी अपने कुल कर्मचारियों में से 20% हिस्से यानी लगभग 15,800 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है।
दिसंबर 2025 के अंत तक मेटा के पास करीब 79,000 कर्मचारी थे। अगर यह छंटनी प्रभावी होती है, तो यह नवंबर 2022 (11,000 कर्मचारी) और मार्च 2023 (10,000 कर्मचारी) की छंटनी के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ देगी।
AI में निवेश और स्टार्टअप्स की खरीदारी बनी मुख्य वजह
मेटा का यह कठोर कदम कोई वित्तीय संकट नहीं, बल्कि अपनी रणनीतिक दिशा बदलने की एक कोशिश है। कंपनी अपना पूरा ध्यान और पैसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित करना चाहती है।
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भारी निवेश: मेटा ने 2028 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 600 बिलियन डॉलर (करीब 50 लाख करोड़ रुपये) खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
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महंगे सौदे: हाल ही में मेटा ने अलेक्जेंडर वांग के स्टार्टअप ‘स्केल एआई’ को 14.5 बिलियन डॉलर में खरीदा है। इसके अलावा, चीनी एआई स्टार्टअप ‘मेनस’ (Manus) को भी 2 बिलियन डॉलर में खरीदने की बातचीत चल रही है।
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प्रौद्योगिकी विफलता: कंपनी का नया एआई मॉडल ‘एवोकाडो’ इंटरनल टेस्टिंग में फेल हो गया है, जिससे कंपनी पर दबाव और बढ़ गया है।
“बड़ी टीम की जरूरत नहीं” – जुकरबर्ग का नया विजन
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि एआई के आने के बाद अब “एफिशिएंसी” का दौर है। जुकरबर्ग का मानना है कि एआई ने उत्पादकता को इस कदर बढ़ा दिया है कि जो काम पहले एक बड़ी टीम करती थी, उसे अब एक अकेला टैलेंटेड व्यक्ति एआई की मदद से पूरा कर सकता है। इसी ‘लीन स्ट्रक्चर’ को अपनाने के लिए कंपनी मिड-लेवल मैनेजमेंट और अन्य भूमिकाओं में कटौती कर रही है।
टेक जगत में छंटनी का दौर (2025-26)
मेटा अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो एआई के लिए कर्मचारियों की बलि दे रही है। पूरे सिलिकॉन वैली में यही ट्रेंड देखा जा रहा है:
कंपनी |
छंटनी (अनुमानित/हुई) |
मुख्य कारण |
मेटा |
15,000+ (20%) |
AI निवेश और डेटा सेंटर्स की लागत |
अमेजन |
16,000 (1%) |
ऑपरेशनल एफिशिएंसी |
एटलसियन |
1,600 |
एआई शिफ्ट |
माइक्रोसॉफ्ट |
रिस्ट्रक्चरिंग जारी |
क्लाउड और एआई पर फोकस |