सुरों के सरताज मोहम्मद रफी: ‘Indian Idol’ के मंच पर छलके शाहिद रफी के आंसू, सुनाया पिता का आखिरी किस्सा

Mumbai News: सुरों की दुनिया के बेताज बादशाह मोहम्मद रफी और मुकेश की याद में सजे ‘इंडियन आइडल’ के हालिया एपिसोड ने दर्शकों की आंखों को नम कर दिया। इस विशेष शाम में महान संगीतकार प्यारेलाल शर्मा (लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल फेम) की उपस्थिति ने शो में चार चांद लगा दिए। लेकिन इस पूरे एपिसोड का सबसे हृदयस्पर्शी पल तब आया, जब मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने अपने पिता के अंतिम समय की अनसुनी कहानी साझा की।

तनीष्क की प्रस्तुति और यादों का सैलाब
एपिसोड की शुरुआत प्रतियोगियों द्वारा रफी साहब और मुकेश के सदाबहार गीतों से हुई। माहौल तब और भी भावुक हो गया जब कंटेस्टेंट तनीष्क शुक्ला ने फिल्म ‘आस-पास’ का कालजयी गीत ‘तू कहीं आस-पास है’ गाया। तनीष्क की आवाज में छिपे दर्द और श्रद्धा ने जज और दर्शकों को भावुक कर दिया। इसी प्रस्तुति के बाद शाहिद रफी ने अपने पिता के आखिरी लम्हों का जिक्र किया।
“सॉरी, वो अब नहीं रहे…”
शाहिद रफी ने भरे गले से बताया कि रफी साहब का आखिरी गाना लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के निर्देशन में ही रिकॉर्ड होना था। उन्होंने बताया, “डैड उस दिन रिहर्सल कर रहे थे, तभी अचानक उनके सीने में दर्द उठा। मम्मा को कुछ अनहोनी का अहसास हुआ और तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया। माहिम से बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाते समय एम्बुलेंस में उन्हें तीन बार दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल पहुँचने के महज पांच मिनट के भीतर डॉक्टरों ने कह दिया— ‘सॉरी, वो अब नहीं रहे’।”

दो दिन बाद ही संगीत की दुनिया का यह चमकता सितारा हमेशा के लिए खामोश हो गया। शाहिद की बातें सुनकर सेट पर मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं।
अमर विरासत….
यह एपिसोड न केवल एक श्रद्धांजलि था, बल्कि इस बात का प्रमाण भी था कि मोहम्मद रफी का संगीत आज भी उतना ही जीवंत है। प्यारेलाल जी ने भी पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि रफी साहब जैसा इंसान और गायक सदियों में एक बार आता है।
नोट: संगीत और यादों से भरा यह खास एपिसोड आप शनिवार और रविवार को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर देख सकते हैं।