Indore News: इंदौर शहर की बुनियादी सुविधाओं और विशेष रूप से पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा आज सुबह निरंतर मॉनिटरिंग अभियान चलाया गया। इसी कड़ी में आयुक्त ने सुबह 7:00 बजे भागीरथपुरा क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया और सीधे नागरिकों से संवाद कर फीडबैक लिया।
बीट टीमों के साथ समीक्षा बैठक
आयुक्त सिंघल सबसे पहले भागीरथपुरा स्थित पानी टंकी परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने क्षेत्र की गठित बीट टीमों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। समीक्षा के दौरान आयुक्त ने बीटवार जल प्रदाय की वर्तमान स्थिति का बारीकी से विश्लेषण किया।
उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से पूछा कि वर्तमान में किन-किन क्षेत्रों में वितरण सुचारू है और नागरिकों को पानी की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत तो नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीट स्तर पर आने वाली किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान तुरंत किया जाए ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी स्वच्छ जल मिल सके।
नागरिकों से सीधा संवाद और फीडबैक
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पूरे भागीरथपुरा क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक प्रोटोकॉल से हटकर सीधे रहवासियों के घरों के बाहर रुककर उनसे चर्चा की। जब आयुक्त ने नागरिकों से जल आपूर्ति की नियमितता और स्वच्छता के बारे में पूछा, तो क्षेत्रवासियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। नागरिकों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें पर्याप्त मात्रा में और स्वच्छ जल प्राप्त हो रहा है। जलापूर्ति की वर्तमान व्यवस्था पर रहवासियों ने संतोष व्यक्त किया, जिस पर आयुक्त ने अधिकारियों को इसी गुणवत्ता को बनाए रखने के निर्देश दिए।
गुणवत्तापूर्ण रेस्टोरेशन के सख्त निर्देश
क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और पाइपलाइन बिछाने के बाद होने वाले रेस्टोरेशन (सड़कों का सुधार) को लेकर आयुक्त सख्त नजर आए। उन्होंने संबंधित कार्यपालन यंत्री को निर्देशित किया कि:
रेस्टोरेशन का कार्य केवल खानापूर्ति न हो, बल्कि पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं ताकि जनता को आवागमन में असुविधा न हो।
शेष बचे हुए क्षेत्रों में जल आपूर्ति के कार्यों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए।
इस निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त श्री नरेंद्र नाथ पांडे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य व जल कार्य विभाग की टीमें उपस्थित थीं। आयुक्त ने अंत में दोहराया कि शहर के हर हिस्से में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।