Indore News: इंदौर के बंगाली चौराहा स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी बुधवार तड़के चीख-पुकार और धमाकों से दहल उठी। एक इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट ने देखते ही देखते एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। इस हृदयविदारक हादसे में शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी मनोज पुंगलिया सहित परिवार के 8 सदस्यों की जलकर मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे की शुरुआत: एक चिंगारी और तबाही का मंजर
घटना बुधवार तड़के करीब 4 बजे की है। घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार चार्ज हो रही थी। शुरुआती जांच के अनुसार, चार्जिंग पॉइंट में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और कार में आग लग गई। चूँकि घर के मालिक मनोज पुंगलिया का पॉलीमर का बड़ा कारोबार था, इसलिए घर में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल और प्लास्टिक का सामान रखा हुआ था। कार की आग ने इन केमिकल्स को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
सिलेंडर फटे, दहल गया पूरा इलाका
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने घर के भीतर रखे 10 से ज्यादा गैस सिलेंडरों को अपनी जद में ले लिया। एक के बाद एक हुए सिलेंडरों के धमाकों से न केवल तीन मंजिला मकान का एक हिस्सा ढह गया, बल्कि पूरा इलाका दहल गया। धमाकों की आवाज सुनकर पड़ोसी मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि किसी का भी अंदर जाना मुमकिन नहीं था।
इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने ‘डेथ ट्रैप’
इस त्रासदी में सबसे चौंकाने वाली और दुखद बात यह रही कि घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक लॉक ही लोगों की मौत का कारण बन गए। आग लगते ही घर की बिजली गुल हो गई, जिससे इलेक्ट्रॉनिक लॉक जाम हो गए और अंदर फंसे लोग चाहकर भी बाहर नहीं निकल सके। एसडीईआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम को दरवाजे तोड़कर अंदर घुसना पड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक मासूम बच्चे ‘तनय’ का शव इतनी बुरी हालत में मिला कि उसे पोटली में भरकर बाहर लाना पड़ा।
मृतकों और घायलों की स्थिति
हादसे में मनोज जैन पुंगलिया (60), सिमरन (30), विजय सेठिया, सुमन सेठिया, राशि (15), छोटू सेठिया और मासूम तनय समेत 8 लोगों की जान चली गई। वहीं, सौरभ पुंगलिया (32), सुनीता पुंगलिया (58) और सोमिल पुंगलिया को सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
सरकार का एक्शन: बनेगी एक्सपर्ट कमेटी
हादसे की सूचना मिलते ही कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना को ‘अलार्मिंग सिचुएशन’ करार दिया।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “यह ईवी (EV) का युग है और पूरा समाज इसकी ओर बढ़ रहा है। ऐसे में यह घटना बेहद चिंताजनक है। मैंने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई जाए जो ईवी चार्जिंग और सुरक्षा मानकों (SOP) पर रिपोर्ट दे, ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।”
मंत्री तुलसी सिलावट ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
जांच के अहम बिंदु
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर केंद्रित है:
ईवी चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की तकनीकी वजह।
रिहायशी मकान में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल और इतने सारे गैस सिलेंडर रखने की अनुमति।
आपात स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक लॉक फेल होने का तकनीकी कारण।
यह हादसा आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के बीच के गैप को उजागर करता है, जिसने इंदौर को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है।