अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं: ₹2,929 करोड़ के RCom फ्रॉड केस में CBI मुख्यालय में पूछताछ

New Delhi: रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े लोन फ्रॉड मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से जुड़ी ₹2,929 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में आज, 19 मार्च को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अनिल अंबानी से घंटों पूछताछ की।

क्या है पूरा मामला?

CBI ने पिछले साल अगस्त में SBI की शिकायत पर अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि कंपनी ने बैंकों से लिए गए फंड की हेराफेरी की और गबन किया।

आरकॉम पर विभिन्न बैंकों का कुल ₹40,000 करोड़ से ज्यादा का बकाया था, जिसमें से अकेले SBI को ₹2,929.05 करोड़ का चूना लगा है। जांच एजेंसी ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

अंबानी का पक्ष: “मैनेजमेंट में शामिल नहीं था”

पूछताछ के दौरान अनिल अंबानी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह मामला 10 साल से भी ज्यादा पुराना है। उनके अनुसार, जिस समय की यह घटनाएं हैं, तब वे कंपनी में केवल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे और कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज या वित्तीय प्रबंधन में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी। उन्होंने SBI द्वारा खुद को ‘फ्रॉड’ घोषित करने के फैसले को भी अदालत में चुनौती दी है।

जांच का अगला चरण

अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और 20 मार्च को भी सीबीआई के सामने पेश होंगे।

  • फंड ट्रेल की जांच: सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बैंकों से लिया गया पैसा असल में कहाँ गया।

  • दस्तावेजों का मिलान: एजेंसी अंबानी के बयानों का मिलान जब्त किए गए डिजिटल दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड्स से करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फंड के गबन के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में आरकॉम के अन्य पूर्व अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।