Indore News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर के निपानिया में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जल की महत्ता को मानव शरीर की रक्तवाहिनियों के समान बताते हुए कहा कि जैसे रक्त हमें जीवन देता है, वैसे ही प्रकृति के लिए जल ‘चैतन्य अमृत’ है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल संरक्षण आज के दौर की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जल का उपयोग अत्यंत पवित्र भाव के साथ करें।
अभियान की मुख्य बातें:
अवधि: यह पवित्र अभियान आज गुड़ी पड़वा से शुरू होकर गंगा दशमी तक पूरे तीन माह चलेगा।
व्यापकता: मध्य प्रदेश के सभी संभागों, जिलों, नगरों और पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएंगे।
जनभागीदारी: सीएम ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए जनभागीदारी को अनिवार्य बताया और उपस्थित जनसमुदाय को जल संवर्धन की शपथ दिलाई।
CM डॉ. यादव ने भावुक होते हुए कहा कि इस अभियान के माध्यम से हम धरती माता के आँचल में जल समर्पित करने का कार्य करेंगे, जिससे प्रदेश का जलस्तर सुधरेगा और खुशहाली आएगी।