MP Weatehr: मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में सूरज की तपिश बढ़ने के बजाय आसमान से आफत बरस रही है। प्रदेश में बने एक शक्तिशाली साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
पिछले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के आधे से अधिक हिस्से में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इस बेमौसम बदलाव ने न केवल तापमान गिराया है, बल्कि किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
ओलावृष्टि से किसानों की टूटी कमर
प्रदेश के मालवा और निमाड़ अंचल समेत कई जिलों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में चने के आकार के ओले गिरे हैं। खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसलें आड़ी हो गई हैं।
किसानों का कहना है कि कटाई के वक्त हुई इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलें काली पड़ जाएंगी और दाना खराब हो जाएगा। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई है, जिससे मंडियों में रखा अनाज भी भीग गया है।
तापमान में भारी गिरावट, ठिठुरा मध्य प्रदेश
बारिश और ठंडी हवाओं के प्रभाव से पूरे प्रदेश के पारे में भारी गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान में औसतन 3 डिग्री सेल्सियस की कमी देखी गई है।
पचमढ़ी: प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ पारा लुढ़ककर 12.6°C पर आ गया।
भोपाल: राजधानी में न्यूनतम तापमान 16.6°C दर्ज किया गया।
इंदौर: यहाँ न्यूनतम तापमान 15°C रहा।
ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं ने मार्च में भी जनवरी जैसी सिहरन पैदा कर दी है।
इन जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों तक राहत के आसार कम हैं। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, सागर, सिवनी, दतिया, धार, और नर्मदापुरम सहित अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान सिस्टम अभी सक्रिय है, जिसके कारण हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है।
भोपाल का अनूठा रिकॉर्ड: गर्मी और बारिश का संगम
राजधानी भोपाल में मार्च के महीने में मौसम के दो चरम रूप देखने का इतिहास रहा है। जहाँ एक ओर आज बारिश ने माहौल ठंडा कर दिया है, वहीं आंकड़ों के मुताबिक:
30 मार्च 2021 को पारा 41 डिग्री तक जा चुका है।
9 मार्च 1979 को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज हुआ था।
पिछले एक दशक में मार्च का अधिकतम तापमान अक्सर 38 से 41 डिग्री के बीच रहा है, लेकिन इस बार बेमौसम बारिश ने गर्मी के ट्रेंड को फिलहाल थाम लिया है।
प्रशासन अब ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने की तैयारी कर रहा है ताकि प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा सके।