Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सत्र की ऐतिहासिक गिरावट के बाद आज शानदार वापसी की है। शुक्रवार, 20 मार्च को बाजार खुलते ही निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया। सेंसेक्स 800 अंक (1.07%) की छलांग लगाकर 75,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर कारोबार कर रहा है।
वहीं, निफ्टी भी 240 अंक (1.04%) की बढ़त के साथ 23,240 के स्तर पर पहुंच गया है। बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने निभाई है, जिनमें सुबह से ही जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है।
रिकवरी के दो प्रमुख कारण
बाजार के जानकारों का मानना है कि आज की इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारण हैं:
क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी: पश्चिम एशिया (ईरान-इजराइल) में जारी तनाव के बीच वैश्विक बाजार के लिए राहत की खबर आई है। कच्चे तेल की कीमतें जो कल तक आसमान छू रही थीं, उनमें कमी आई है। ब्रेंट क्रूड 2% गिरकर 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद जगी है।
वैल्यू बाइंग: 19 मार्च को भारतीय बाजार ने 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट देखी थी। इस भारी बिकवाली के बाद कई मजबूत कंपनियों के शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध थे। निचले स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई ‘वैल्यू बाइंग’ ने सूचकांकों को ऊपर धकेलने का काम किया है।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। ‘वर्नल इक्विनॉक्स’ के चलते जापान का बाजार आज बंद है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.74% की बढ़त पर है, जबकि हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 0.63% की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, अमेरिकी बाजार (19 मार्च) गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहाँ डाउ जोन्स 203 अंक टूटकर 46,021 के स्तर पर रहा।
रुपया पहली बार 93 के पार, बना नया रिकॉर्ड लो
शेयर बाजार की तेजी के उलट, भारतीय मुद्रा ‘रुपये’ के मोर्चे पर चिंताजनक खबर है। डॉलर के मुकाबले रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 93.24 पर पहुंच गया है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण डॉलर की मांग बढ़ी है, जिसका सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा है। पिछले सत्र में रुपया 92.63 पर बंद हुआ था।
कल की भारी गिरावट का असर
गौरतलब है कि कल यानी 19 मार्च को शेयर बाजार में हाहाकार मचा था। सेंसेक्स 2,497 अंक गिरकर बंद हुआ था, जो जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट थी। लेकिन आज की रिकवरी ने निवेशकों के जख्मों पर कुछ हद तक मरहम लगाने का काम किया है।