Indore News: दुष्कर्म के मामले में सूरत की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साईं को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच इंदौर फैमिली कोर्ट में पेश किया गया। नारायण साईं की पत्नी जानकी हरपलानी द्वारा दायर तलाक और भरण-पोषण (Maintenance) के मामले में करीब एक घंटे तक गहमागहमी भरी सुनवाई चली।
भारी सुरक्षा और समर्थकों का जमावड़ा
सूत्रो के अनुसार बताया जा रहा है कि गुजरात पुलिस की टीम नारायण साईं को लेकर सूरत से इंदौर पहुंची थी। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम थे कि पुलिस नारायण को सीधे कोर्ट रूम के भीतर ले गई। इस दौरान कोर्ट के बाहर आसाराम और नारायण साईं के अनुयायियों की भारी भीड़ जमा थी, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। सुनवाई खत्म होते ही पुलिस नारायण को वापस सूरत ले गई।
₹55 लाख से ज्यादा का बकाया भरण-पोषण
मामले की जड़ नारायण की पत्नी जानकी द्वारा दायर वह याचिका है, जिसमें उन्होंने ₹50 हजार मासिक भरण-पोषण की मांग की थी।
2018 का आदेश: कोर्ट ने 2018 में नारायण को आदेश दिया था कि वह पत्नी को हर माह ₹50 हजार दे।
बकाया राशि: 2013 से जेल में होने के कारण नारायण ने यह राशि जमा नहीं की, जो अब ब्याज सहित ₹55 लाख से अधिक हो चुकी है।
बचाव पक्ष का तर्क: मई 2025 में नारायण के वकीलों ने केस को ‘रि-ओपन’ करने की अपील की। उनका तर्क है कि जब कोर्ट ने भरण-पोषण का आदेश दिया था, तब नारायण जेल में था और उसका पक्ष ठीक से नहीं सुना गया।
शादी के 30 साल और तलाक की अर्जी
नारायण साईं और भोपाल निवासी जानकी की शादी 1995 में हुई थी। संबंधों में खटास आने के बाद जानकी ने करीब 4 साल पहले इंदौर में तलाक का केस फाइल किया था। पिछली कई सुनवाइयों में नारायण पेश नहीं हुआ था, जिसके बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उसे व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।
नारायण साईं वर्तमान में सूरत जेल में बंद है, और अब इंदौर की अदालत में उसके वैवाहिक विवाद पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।