अनिल अंबानी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट: 40,000 करोड़ के कर्ज पर दिया ‘संदेसरा भाइयों’ जैसा सेटलमेंट फॉर्मूला

New Delhi: रिलायंस कम्युनिकेशन (RCom) के प्रमोटर और दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी ने कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों के बीच राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अंबानी ने 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया कर्ज को निपटाने के लिए कोर्ट के समक्ष एक चरणबद्ध भुगतान योजना (Phase-wise Payment Plan) पेश की है।
‘मैं भगोड़ा नहीं, कर्ज चुकाने का मौका मिले’
सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने अदालत से आग्रह किया कि उनके मामले को संदेसरा भाइयों (स्टर्लिंग बायोटेक) की तर्ज पर सुलझाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कोई ‘भगोड़े आर्थिक अपराधी’ नहीं हैं, बल्कि देश में रहकर जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं।

अंबानी ने अपने हलफनामे में एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि वे अब तक कुल 3.44 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर चुके हैं, जिसमें 2.45 लाख करोड़ रुपये की मूल राशि (Principal Amount) भी शामिल है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि बैंकों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए एक ‘लेनदारों की समिति’ (Committee of Creditors) का गठन किया जाए।
क्या है संदेसरा भाइयों वाला ‘सेटलमेंट’ मॉडल?
अनिल अंबानी ने नवंबर 2025 के उस अदालती फैसले का हवाला दिया, जिसमें भगोड़े घोषित नितिन और चेतन संदेसरा को बड़ी राहत मिली थी। उस मामले में कोर्ट ने शर्त रखी थी कि यदि संदेसरा समूह कुल बकाए का एक-तिहाई (लगभग 5100 करोड़ रुपये) जमा कर देता है, तो उनके खिलाफ सभी आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी जाएगी। अंबानी अब इसी तरह के ‘स्ट्रक्चर्ड सेटलमेंट’ की मांग कर रहे हैं।
जांच एजेंसियों को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों, CBI और ED की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब एजेंसियां संदेसरा जैसे मामलों में सेटलमेंट के लिए तैयार हो सकती हैं, तो अंबानी के मामले में जांच इतनी धीमी क्यों है?
कोर्ट के कड़े निर्देश:
  • SIT का गठन: सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है।
  • समयबद्ध जांच: अदालत ने स्पष्ट किया कि 40,000 करोड़ के इस कथित फ्रॉड की जांच पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ की जाए ताकि बैंकिंग प्रणाली में जनता का विश्वास बना रहे।