Silver-Gold Price Today: वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की बढ़ती मांग के बीच इस हफ्ते भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। महज एक सप्ताह के भीतर सोने के दाम में ₹4,276 की कमी आई है, वहीं चांदी की चमक भी ₹10,717 तक फीकी पड़ गई है।
कीमतों का लेखा-जोखा: सोना ₹1.43 लाख के करीब
बीते हफ्ते 20 मार्च को सोने की कीमत ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर थी, जो अब गिरकर ₹1,42,942 पर आ गई है। चांदी में भी जबरदस्त गिरावट देखी गई; यह ₹2.32 लाख प्रति किलो से लुढ़ककर ₹2,21,647 के स्तर पर पहुंच गई है।
इस हफ्ते की दरें (प्रति 10 ग्राम/किलो):
सोने और चांदी के भाव की साप्ताहिक तालिका (मार्च 2026) तारीख सोना (प्रति 10 ग्राम) चांदी (प्रति किलो) 27 मार्च 2026 ₹1,42,942 ₹2,21,647 25 मार्च 2026 ₹1,46,205 ₹2,34,814 24 मार्च 2026 ₹1,40,420 ₹2,24,545 23 मार्च 2026 ₹1,39,569 ₹2,19,260
आखिर क्यों गिर रहे हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों के व्यवहार को बदल दिया है। युद्ध जैसी स्थिति में बाजार की अस्थिरता से बचने के लिए निवेशक अपनी ‘गोल्ड होल्डिंग्स’ बेचकर नकद (डॉलर) इकट्ठा कर रहे हैं। जब डॉलर की डिमांड बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के दाम नीचे आने लगते हैं।
शहरों में अलग-अलग क्यों होते हैं रेट?
देश के विभिन्न शहरों में सोने के दाम एक समान नहीं होते। इसके मुख्य चार कारण हैं:
ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा: आयात केंद्रों से दूरी और सुरक्षा खर्च के कारण स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं।
खरीद की मात्रा: दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में खपत अधिक होने से ज्वेलर्स को थोक में छूट मिलती है, जिसका फायदा ग्राहकों को मिलता है।
लोकल एसोसिएशन: स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन मांग और आपूर्ति के आधार पर क्षेत्रीय दरें तय करते हैं।
पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स के पास पुराने रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक भी कीमतों में अंतर पैदा करता है।