Bollywood: भारतीय संगीत जगत के इतिहास में कुछ गाने ऐसे होते है, जो समय की सीमाओं को लांघकर अमर हो जाते हैं। ऐसा ही एक जादुई गीत है साल 1980 में आई फिल्म ‘आप तो ऐसे ना थे’ का— ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है’। इस गाने की सबसे खास बात यह है कि इसे एक ही फिल्म में तीन अलग-अलग दिग्गज गायकों ने अपनी आवाज दी थी, लेकिन मोहम्मद रफी साहब का जादू आज भी सिर चढ़कर बोलता है।
तीन वर्जन, तीन सितारे और तीन आवाजें
राज बब्बर, रंजीता और दीपक पराशर स्टारर इस फिल्म में संगीत निर्देशक कुलदीप सिंह ने एक ही धुन को तीन अलग-अलग भावनाओं के साथ पेश किया था:
हेमलता की आवाज: इस गाने का पहला वर्जन मशहूर गायिका हेमलता ने गाया था, जिसे अभिनेत्री रंजीता पर फिल्माया गया। उनकी सुरीली आवाज ने इस गीत में एक खास कोमलता भर दी थी।
मनोहर दास की आवाज: दूसरा वर्जन मनोहर दास ने गाया, जो अभिनेता राज बब्बर पर फिल्माया गया। विरह और संजीदगी से भरे इस वर्जन को भी काफी सराहना मिली।
मोहम्मद रफी की आवाज: तीसरा और सबसे लोकप्रिय वर्जन खुद शहंशाह-ए-तरन्नुम मोहम्मद रफी साहब ने गाया था। इसे अभिनेता दीपक पराशर पर फिल्माया गया।
रफी साहब का वर्जन क्यों है सबसे खास?
यूं तो तीनों ही गायकों ने अपनी पूरी रूह इस गाने में फूंक दी थी, लेकिन मोहम्मद रफी साहब की मखमली आवाज और शब्दों के उतार-चढ़ाव ने इसे एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया। आज 45 साल बाद भी जब इस गाने का जिक्र होता है, तो सबसे पहले रफी साहब की ही आवाज कानों में गूंजती है।
इस लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूट्यूब पर अकेले रफी साहब के वर्जन को 100 मिलियन (10 करोड़) से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है। नई पीढ़ी के युवा भी आज इस गाने के रिमिक्स से ज्यादा इसके ओरिजिनल वर्जन को सुनना पसंद करते हैं।
शब्दों का जादू..
दिलचस्प बात यह है कि इस भावुक कर देने वाले गीत के बोल भी रफी साहब की शख्सियत की तरह ही सादगी और गहराई से भरे हैं। ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है’ आज भी प्यार और जुदाई की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सबसे पसंदीदा गीतों में से एक बना हुआ है।