Stock Market Update: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 30 मार्च का दिन बेहद निराशाजनक रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के चलते घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली।
सेंसेक्स करीब 1,000 अंक (1.50%) फिसलकर 72,500 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी में भी 350 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 22,500 के करीब कारोबार कर रहा है।
बाजार गिरने के 3 प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आए इस भूचाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी वजहें जिम्मेदार हैं:
युद्ध का साया: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
कच्चे तेल में उबाल: क्रूड ऑयल की कीमतें 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। ईरान संकट से पहले यह 70 डॉलर के करीब थीं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर है।
ग्लोबल मार्केट में कमजोरी: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई गिरावट का सीधा असर भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ा है।
सेक्टरवार प्रदर्शन और वैश्विक बाजारों का हाल
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार ऑटो, बैंकिंग और मेटल शेयरों पर पड़ी है। इन सेक्टरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
एशियाई बाजार: जापान का ‘निक्केई’ 3.60% और साउथ कोरिया का ‘कोस्पी’ 2.60% तक टूट गए हैं। हालांकि, चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में स्थिति स्थिर बनी हुई है।
अमेरिकी बाजार: शुक्रवार को भी अमेरिकी इंडेक्स डाउ जोन्स और नैस्डैक में 2% के करीब गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर आज भारतीय बाजार की ओपनिंग पर दिखा।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
इससे पहले शुक्रवार (27 मार्च) को भी बाजार में करीब 1,690 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई थी। लगातार हो रही इस बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रह सकती है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को फिलहाल बड़े दांव लगाने से बचने की सलाह दी जा रही है।