नीमच में आंधी के साथ गिरे ओले: गेहूं-मेथी की फसल भीगी; किसानों की चिंता बढ़ी

Neemuch News: मध्यप्रदेश के नीमच जिले में सोमवार को दोपहर में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने जहां आम लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत दी, वहीं अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और कुछ स्थानों पर गिरे ओलों के कारण पारे में 4 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जिले का तापमान 35 डिग्री से घटकर 31 डिग्री पर आ गया है।

दोपहर में छा गया अंधेरा, शुरू हुई बारिश

सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक आसमान में काली घटाएं छा गई। 1 बजे तक रिमझिम बारिश ने तेज बौछारों का रूप ले लिया। दोपहर 2 बजे दोबारा शुरू हुई हल्की बारिश से सड़कों पर आवाजाही थम सी गई। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हुआ है। जिले में पहले ही ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया था।

किसानों पर टूटा आफत का पहाड़

यह बिन मौसम बरसात ऐसे समय में हुई है जब खेतों में रबी की फसलों की कटाई चरम पर है।

  • भीगी फसलें: खेतों में काटकर रखी गई गेहूं, मेथी और चने की फसलें बारिश के पानी में पूरी तरह तरबतर हो गईं।

  • नुकसान की आशंका: फसलें भीगने से दानों की चमक फीकी पड़ने और उपज की गुणवत्ता खराब होने का डर है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अगले 24 घंटे का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों तक जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हल्की बूंदाबांदी और गर्जना की संभावना के चलते रात के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखें।